
MADHUBANI:- रेल डिब्बे में आगजनी की घटना रेल प्रशासन की सुरक्षा पर सेंध
मधुबनी-19 फरवरी। जयनगर-नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एमटी कोंच में शनिवार को मधुबनी प्लेटफार्म संख्या तीन पर असमाजिक तत्वों के द्वारा आगजनी की घटना से संदेह के घेरे में स्थानीय रेल प्रशासन आ रहे हैं। आखिर एमटी कोंच के सुरक्षा का जिम्मा किसके हवाले और अगर एमटी कोंच प्लेटफार्म पर खड़ी है तो उसका डिब्बा खुला कैसे था। रेलवे सूत्रों के अनुसार जयनगर नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एमटी कोंच को बुधवार को लगाने के लिए मधुबनी भेजा गया। चूंकि गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जयनगर से रद्द रहती है। सूत्रों ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एमटी कोंच में आगजनी की घटना को जयनगर रैक प्वाइंट से भी जोड़ा जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि आम दिनों में कई ट्रेनों के खाली डिब्बे को जयनगर में घंटों लगाई जाती है। लेकिन स्वतंत्रता सेनानी के डिब्बे को मधुबनी लगाने के लिए भेज दिया गया था। जयनगर स्टेशन अधीक्षक ने जयनगर के आउट साईड में उक्त ट्रेन के डिब्बे को नहीं लगा कर एमटी कोंच के रूप में मधुबनी भेज दिया। जब इसे मधुबनी भेजा जाता है तो कमान किसको दिया गया और डिब्बा कैसे खुला था। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। सूत्रों ने बताया कि इतने बङी लम्बी कोंच एमटी बन कर मधुबनी खङी थी, तो मधुबनी स्टेशन अधीक्षक आरपीएफ और जीआरपी इसका देखरेख क्यों नहीं किया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि जयनगर स्टेशन अधीक्षक अपना सुविधा को देखते हुए अधिकारियों की नजर में रैक प्वाइंट को खाली रखने की बात कहते हैं। जबकि ऐसा नहीं होता है। जयनगर माल गोदाम रैक प्वाइंट पर मालगाड़ी से माल अनलोडिंग होती रहती है और स्टेशन के द्वारा कंट्रोल को रैक प्वाइंट खाली रहने की बात कही जाती है। जब रैक प्वाइंट खाली नहीं रहता है।
सूत्रों ने बताया कि जब भी किसी खाली डिब्बे एमटी कोंच बना कर जयनगर के अलावे किसी अन्य रेलवे स्टेशनों पर लगाने से पहले उक्त एमटी कोंच के सभी डिब्बे को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। तब जाकर उसे पूरी सुरक्षा के साथ लगाई जाती है।



