
झूलनोत्सव में भगवान राधा-कृष्ण को झूला झुलाने से सुखी होता दांपत्य जीवन: आभा झा
मधुबनी-23 अगस्त: मिथिला की धरती पर सावन के बाद भादो माह में भक्ति का सबसे मधुर उत्सव झूलनोत्सव शुरू होने वाला है। इस साल 24 से 28 अगस्त तक शहर के प्रमुख मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव महोत्सव मनाया जाएगा। झूलनोत्सव की धार्मिक महत्व की जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य आभा झा ने बताया कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान झूलनोत्सव महोत्सव की तैयारी जोरो से चल रही है। भादो मास में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को झूला झुलाने की यह परंपरा मिथिला में सदियों पुरानी है।
भगवान का विशेष श्रृंगार कर फूलों से सजे झूले पर विराजमान किया जाएगा। हर शाम श्रद्धालु पारंपरिक मधुर मैथिली गीते हुए भगवान को झूला झुलाएंगे। इस दौरान भजन-कीर्तन और प्रवचन का भी आयोजन होगा। मान्यता है कि झूलनोत्सव में भगवान को झूला झुलाने से दांपत्य जीवन सुखी होता है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ त्योहार नहीं, राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का उत्सव है। भादो शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा तक झूला झुलाने से अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।इन 5 दिनों में मंदिरों में फूलों से सजा विशेष झूला लगाया जाता है। फूलों से सजाकर झुलाया जाता है। 28 अगस्त पूर्णिमा के दिन भगवान की विशेष आरती के साथ महोत्सव का समापन होगा।



