
MADHUBANI नगर निगम की अतिक्रमित तालाबों को फिर सहेजने की जगी उम्मीद: अधिवक्ता राकेश रंजन झा
मधुबनी- 23 अप्रैल। वरीय अधिवक्ता राकेश रंजन झा ने कहा कि जल से लबालब तालाब गांव की समृद्धि का प्रतीक माना जाता रहा है। सालों भर लोगों का स्नान, मछली पालन व सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने वाले तालाबों को सूखने से लोगों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो रहा है। नगर निगम क्षेत्र के सैरात सूची में शामिल चकदह गुलटेनी पोखर सहित 32 तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन की पहल अतिक्रमित तालाबों को फिर सहेजने की उम्मीद बढ गई है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में ‘लक्ष्य तक’ का ‘पारंपरिक जल स्रोत जल संरक्षण की सफर’ अभियान तालाबों के संरक्षण के लिए वरदान साबित हो सकता है। जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन द्वारा निगम क्षेत्र के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई में शहर के लोगों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए आगे आने की जरूरत है।
जिलाधिकारी के निर्देश से निगम क्षेत्र के सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त की कार्रवाई में तेजी लाने की जरूरत है। ताकि तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।अतिक्रमण के चलते निगम क्षेत्र के अनेकों तालाब साल दर साल सूखते चला गया। लोगों को तालाबों की जमीन अतिक्रमित रखने से बचना चाहिए। बल्कि अतिक्रमित तालाब, पोखर व जलाशयों को जागृत व जीर्णोद्धार के लिए जागरूक रहना चाहिए। जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से अतिक्रमित तालाबों की सूरत बदल सकती है। इसमें आम लोगों की भागीदारी से बड़ी कामयाबी मिलेगी। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त होने से वर्षा जल का संचय होगा। मछली उत्पादन बढ़ेगा। किसानों को सिचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। पशुओं को पेयजल के लिए राहत मिलेगा। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए हरसंभव प्रयास करना होगा।



