
MADHUBANI:- भेजा, अरेड और रामपट्टी को प्रखंड बनाने की मांग को लेकर होगा जनआंदोलन : इं. गौरीशंकर यादव
मधुबनी- 12 मार्च। मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड के भेजा, बेनीपट्टी अनुमंडल के अड़ेर तथा राजनगर प्रखंड के रामपट्टी को प्रखंड बनाने का सरकारी घोषणा दो दशक बाद भी छलावा साबित हुआ है। भेजा, अरेड और रामपट्टी को प्रखंड बनाने की मांग को लेकर चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत अप्रैल में भेजा थाना क्षेत्र के 13 पंचायतों में जनसंपर्क शुरू किया जाएगा। मधेपुर प्रखंड कार्यालय और मधुबनी समाहरणालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। उक्त बातें जन कल्याण संघर्ष समिति के संरक्षक तथा आम आदमी पार्टी के फुलपरास के विधानसभा प्रत्याशी इं. गौरी शंकर यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि दो दशक पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भेजा उच्च विद्यालय मैदान में सभा में तत्कालीन सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव के समक्ष भेजा को प्रखंड बनाने की घोषणा किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी भेजा को प्रखंड बनाने का आश्वासन दिया गया था।उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाका मधेपुर प्रखंड के 26 पंचायत में 13 पंचायत को मिलाकर भेजा थाना संचालित है। भेजा थाना क्षेत्र के भेजा, बकुआ, भरगामा, महापतिया, द्वालख, करहारा, गढगांव, बस्तीपट्टी भवानीपुर पंचायत के करीब डेढ़ लाख की आबादी कोसी के गर्भ में बसे होने से इन्हें सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। कोसी के गर्भ में हर साल बाढ़ का कहर झेल रहे लोगों को कोसी नदी पार कर 10 से 20 किमी की दूरी तय कर मधेपुर प्रखंड आना पड़ता है। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए 20 किमी की दूरी तय कर मधेपुर पीएससी जाना होता है। बाढ़ के दिनों में सर्पदंश की घटना सबसे अधिक होती है। इलाके के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा के लिए भेजा में रेफरल अस्पताल की स्थापना काफी आवश्यक है।इलाके के बाढ प्रभावित 90 प्रतिशत लोगों को बाढ़ मुआवजा राशि का लाभ नहीं मिल पाता है।



