
MADHUBANI:- व्हाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजकर 10 लाख की ठगी
म्धुबनी- 07 मार्च। जिले में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जालसाजी का एक ताजा मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय का कर्मी बताकर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की बड़ी ठगी कर ली है। ठगी के शिकार हुए मधुबनी जिले के भैरवस्थान थाना क्षेत्र के नरूआर गांव निवासी सुजीत कुमार मिश्रा ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है। पीड़ित सुजीत कुमार के अनुसार, जालसाजी का मामला 17 फरवरी 2026 को शुरू हुई। साइबर फ्रॉड ने उनके व्हाट्सएप पर भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार कार्यालय के नाम से फर्जी गिरफ्तारी वारंट और दो पत्र भेजे। इसके बाद कॉल कर डराया गया कि उन्हें अपनी सुरक्षा और निर्दाेष होने की रिपोर्टिंग देनी होगी।
जालसाजों ने उनसे संपत्ति और बैंक से संबंधित तमाम गोपनीय दस्तावेज मांग लिए। डर के मारे पीड़ित ने अपने पासबुक और चेकबुक की फोटो कॉपी संबंधित मोबाइल नंबर पर साझा कर दी। दस्तावेज हासिल करने के बाद, 19 फरवरी को अपराधियों ने पीड़ित को एक बैंक डिटेल भेजा, जो केनरा बैंक की कोविलपट्टी शाखा तमिलनाडु का था। खाता कविया एस के नाम पर था। सुजीत कुमार को डरा-धमकार कर इस खाते में 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया। कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए पीड़ित ने चेक संख्या-083485 के माध्यम से उक्त खाते में दस लाख रुपये आरटीजीएस कर दिया। 20 फरवरी को जब पीड़ित ने बैंक से संपर्क किया और दस्तावेजों की पड़ताल की, तब उन्हें समझ आया कि वे डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
इस संदर्भ में साइबर थानाध्यक्ष अंकुर कुमार ने बताया कि थाना में कांड संख्या-13/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जल्द ही साइबर फ्रॉड को पकड़ लिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या व्हाट्सएप पर आए कानूनी पत्रों से न डरें और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।



