
सभी धर्मों के लोग धर्मग्रंथ गीता का करे अनुकरण: शाहनवाज हुसैन
पटना-14 दिसंबर। स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग पटना विश्वविद्यालय में आज गीता जयंती समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आरंभ स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ हरीश दास के मंगलाचरण एवं स्वागत वक्तव्य से हुआ ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार में उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने अपने वक्तव्य में धर्मग्रंथ गीता को सभी धर्मों के लोगों को अनुकरण करने सलाह दी।धर्मग्रंथ गीता में जो धेय्य वाक्य लिखा है कि कर्म करो और फल की इच्छा मत करो यह सभी धर्मों का सार तत्व है। इसके साथ ही अपने जीवन की किसी ऐसी वाकये सुनाए जो गीता के उपदेश के अनुरूप थे।
मुख्य वक्ता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रोफ़ेसर हरिप्रसाद अधिकारी ने कहा गीता ही उनके जीवन को बदलने का एक माध्यम रहा है। इसे थोड़ा भी समझ ले तो जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी हो जाती है।विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार प्रदेश के भाजपा के उपाध्यक्ष डॉक्टर सुशील चौधरी ने गीता को मानव जीवन का प्राण तत्व बतलाया। पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर रासबिहारी प्रसाद सिंह ने गीता को विज्ञान की कसौटी में कसा हुआ एक ग्रंथ सिद्ध किया।
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष रमेश चंद्र सिन्हा ने श्रीमद्भगवद्गीता को अपने जीवन में अंगीकार करने एवं इससे होने वाले लाभों को गिनाया । इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गीता के कुछ उपदेशों को उन्होंने अपने जीवन में अमल किया है। जैसे सुख और दुख में एक ही स्थिति में रहने का प्रयास करना । वह ऐसा करते भी हैं जिसका लाभ उन्हें अभी तक प्राप्त हो रहा है।अध्यक्षता करते हुए पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी ने गीता को आध्यात्मिकता के साथ-साथ व्यवहार उपयोगी ग्रंथ बतलाया और समस्त लोगों को एक बार इसका अध्ययन करने का सद्विचार प्रदान किया।



