
देश की बागडोर सावरकर व गोलवलकर के सिद्धांतों में विश्वास करने वाले के हाथों मेंः अजय
मधुबनी- 11 फरवरी। भाजपा की साम्प्रदायिक एवं ध्रूवीकरण की राजनीति को पराजित करने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा 21 फरवरी को नगर परिषद विवाह भवन मधुबनी में साम्प्रदायिकता विरोधी कन्वेंशन का आयोजन किया जा रहा है। उक्त बातें विधायक अजय कुमार ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहीं। विधायक अजय कुमार ने कहा कि कन्वेंशन इतिहासिक होगा। उन्होने कहा कि भारत के बंटवारे के समय जब देश के अनेक हिस्से साम्प्रदायिकता की आग में जल रहे थे, पुरा तब कश्मीर शांत था। कश्मीरियों ने जिन्ना और सावरकर के द्विराष्ट्रवाद के सिद्धांत को अस्वीकार करते हुए धर्मनिरपेक्ष भारतीय गणराज्य के साथ रहने का संकल्प व्यक्त किया। महात्मा गाँधी एवं भगत सिंह के देश में दुर्भाग्यवश आज देश की बागडोर सावरकर एवं गोलवलकर के सिद्धांतों में विश्वास करने वाले लोगों के हाथों में है। साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष में इनकी कोई भूमिका नहीं रही है। इसीलिए भाजपा आज राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय नायकों को अपने पाले में रखने के लिए देश के इतिहास,साझी संस्कृति के साथ खिलवार कर रही है। देश को साम्प्रदायिक रूप से विभाजित कर सार्वजनिक सम्पदा मुट्ठीभर चहेते पूँजीपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। देश के सबसे बड़े अमीर अदानी की कारगुजारी का भांडा फुटने से मोदी सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। अदानी प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी, इस पूरे प्रकरण के निष्पक्ष जाँच की माँग करती है। कॉरपोरेट और साम्प्रदायिक तानाशाही सत्ता का घालमेल देश के धर्मनिरपेक्ष जनतांत्रिक एवं संवैधानिक ढाँचे के सामने सबसे बड़ी चुनती है। पार्टी द्वारा आयोजित साम्पदायिकता विरोधी कन्वेंशन में कॉ० युसूफ तारिगामी न सिर्फ देश की आर्थिक राजनीतिक स्थिति पर ही प्रकाश डालेंगे, बल्कि विस्तार से जम्मू-कश्मीर में 370 एवं 35 ए धाराओं के हटाने एवं जम्मू-कश्मीर को तीन अलग-अलग केन्द्र शासित प्रदेशों में बाँटने के बाद,जनता के अकथनीय दुखों एवं संघर्षो से भी आपको अवगत करायेंगे। उन्होने अनुरोध करते हुए लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेकर सम्प्रदायवाद-विरोधी कन्वेंशन को सफल बनाने की अपील किया। मौके पर राज्य सचिव ललन चोधरी,रामपरी देवी,मनोज कुमार यादव, प्रेम कांत दास,दिलीप झा,कुमार राणा प्रताप,गणपत झा,इंदु यादव,प्रभात कुमार,सरोज झा,बाबूलाल आदि मौजुद थे।



