
गलत तथ्य देकर हाईकोर्ट को बरगलाने वाले अधिवक्ता पर 15 हजार का जुर्माना
कोलकाता- 16 दिसंबर। शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में भाटपाड़ा नगरपालिका के वाइस चेयरमैन देबज्योति घोष की शिक्षा के बारे में गलत तथ्य हाई कोर्ट को देने वाले अधिवक्ता पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने यह जुर्माना लगाया है। शुक्रवार को यह जुर्माना लगाया गया है। इसके पहले बुधवार को मामले की सुनवाई हुई थी। उस दौरान न्यायाधीश ने देबज्योति को आज कोर्ट में पेश होने को कहा था। उसी के मुताबिक वह पेश हुए थे इधर एक अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि देबज्योति केवल आठवीं पास हैं। उन्होंने इसके एवज में देबज्योति का एक पासपोर्ट भी दिया था जिसमें उनके आठवीं पास होने का दावा किया गया था। हालांकि जब शुक्रवार को वह कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने अपनी एकेडमिक डिग्री के दस्तावेज कोर्ट को दिखाएं जिसे लेकर न्यायाधीश ने अधिवक्ता को फटकार लगाई और उन पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। उनका नाम उजागर करने से फिलहाल इनकार किया गया है। देबज्योति पर आरोप है कि उन्होंने रुपये लेकर एक व्यक्ति को शिक्षक के तौर पर नौकरी लगाई है। नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के भी वह बेहद खास माने जाते हैं। हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश /गंगा



