
भारत और फ्रांस के बीच त्रिपक्षीय पार्क और जैव विविधता साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
गुवाहाटी- 02 मई। वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर भागीदारों के बीच विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए असम सरकार, एजेंस फ्रांसिस दी डेवलपमेंट (एएफडी) और ऑफिस नेशनल डेस फॉरेट्स इंटरनेशनल (ओएनएफआई) के बीच एक त्रिपक्षीय पार्क और जैव विविधता प्रबंधन भागीदारी समझौता ज्ञापन पर सोमवार को यहां एक होटल में करार किया।
एमओयू पर हस्ताक्षर के मौके पर असम सरकार के पर्यावरण और वन मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य, भारत में फ्रांस के काउंसिल जनरल डिडिएर तलैन, काउंसलर इकोनॉमिक सर्विसेज मैरियन वैलट, फ्रांस की काउंसिल जनरल अंजिता रॉयचौधरी, प्रेस अटैची बीडी डिप्लोमैटिक लियासी, कोलकाता में फ्रांस के महावाणिज्य दूतावास अक्षिता शर्मा, परियोजना निदेशक, एएफडी में एपीएफबीसी, अपर मुख्य सचिव पर्यावरण एवं वन विभाग, रविशंकर प्रसाद, पीसीसीएफ और एचओएफएफ अमित सहाय, अतिरिक्त पीसीसीएफ वन्यजीव एमके यादव और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर मंत्री शुक्ल बैद्य ने कहा कि समझौता ज्ञापन असम में वन्यजीव संरक्षण प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर भागीदारों के बीच विशेषज्ञता और ज्ञान को साझा करने में एक लंबा सफर तय करेगा।
उन्होंने कहा कि इस साल 2 अप्रैल को असम मंत्रिमंडल ने पर्यावरण के क्षेत्र में द्विपक्षीय वार्ता को बढ़ावा देने के लिए राज्य के पर्यावरण और वन विभाग और एक फ्रांसिस वित्त पोषण एजेंसी एजेंस फ्रांसीसी दी डेवलपमेंट के बीच एक समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी थी।
एएफडी, असम वन विभाग और ओएनएफ इंटरनेशनल के बीच यह इंडो-पैसिफिक पहल, फ्रांसीसी राष्ट्रीय वन कार्यालय (ओएनएफ) की सहायक कंपनी है। एएफडी ने राज्य सरकार को फ्रांस और असम के वन अधिकारियों के लिए समान परिदृश्य के लिए एक विनिमय कार्यक्रम चलाने और वन्यजीव प्रबंधन में वन अधिकारियों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 2.50 करोड़ रुपये दिए थे।



