
UPI भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क तत्काल वापस ले सरकार: सर्राफा एसोसिएशन
शाजापुर- 25 सितंबर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को लेकर ज्वेलर्स डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन मध्यप्रदेश (जेडीडब्ल्यूयूआर एमपी) से संबद्ध सर्राफा एसोसिएशन शाजापुर ने चिंता जताई है। एसोसिएशन ने सरकार से प्रस्तावित शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि इससे पहले से बढ़ती लागत का सामना कर रहे ज्वेलरी कारोबारियों के साथ ग्राहकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
सर्राफा एसोसिएशन शाजापुर के अध्यक्ष आनंद नवाब और सचिव प्रवीण सोनी ने कहा कि वर्तमान में सोने-चांदी के दाम पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर हैं। इसके अलावा ज्वेलरी कारोबारियों को उत्पाद शुल्क, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), हॉलमार्किंग शुल्क, बैंकिंग सेवाओं से जुड़े विभिन्न शुल्क और अन्य बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त एमडीआर शुल्क लगाया जाना व्यापार के लिए एक और आर्थिक चुनौती खड़ी करेगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि ज्वेलरी कारोबार में दो हजार रुपये से कम मूल्य के आभूषणों की बिक्री लगभग नहीं होती। ऐसे में यदि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाया जाता है तो ज्वेलर्स को प्रत्येक डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ेगी। कारोबारियों पर पड़ने वाला यह भार यदि ग्राहकों से वसूला गया तो आभूषणों की अंतिम कीमत और बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर सोने-चांदी के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार सरकार ने पिछले वर्षों में डिजिटल भुगतान और यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को लगातार प्रोत्साहित किया है। बड़ी संख्या में ग्राहक भी अब नकद के बजाय यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाने वाले छोटे और मध्यम ज्वेलर्स पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना उनके लिए आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला कदम होगा।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छोटे ज्वेलर्स और कुटीर स्तर पर काम करने वाले कारोबारियों के लिए प्रत्येक लेन-देन की अतिरिक्त लागत महत्वपूर्ण होती है। ज्वेलरी कारोबार में लेन-देन की राशि अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण प्रस्तावित शुल्क का प्रभाव भी बढ़ सकता है। इसलिए सरकार को इस प्रस्ताव पर व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करना चाहिए।
इस संबंध में सर्राफा एसोसिएशन शाजापुर ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि ज्वेलरी कारोबार पहले से ही विभिन्न प्रकार के शुल्क और बढ़ती लागत के दबाव में है। ऐसे में नए शुल्क से व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी और अंततः इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
इस मांग का समर्थन एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद नवाब, उपाध्यक्ष शरद कोठारी एवं मनीष सोनी, सचिव प्रवीण सोनी, सहसचिव चंद्रेश सोनी, कोषाध्यक्ष कपिल सोनी, सह कोषाध्यक्ष प्रदीप सोनी, विशेष आमंत्रित सदस्य हुकुमचंद सोनी तथा कार्यकारिणी सदस्य मोती सोनी, सचिन सोनी, जतिन सोनी, लक्ष्मीनारायण सोनी, अभिषेक जैन (गोलू), पंकज सोनी, प्रितेश जैन, मुकेश सोनी और अक्षय जैन सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने किया।
सर्राफा एसोसिएशन शाजापुर के अध्यक्ष आनंद नवाब और सचिव प्रवीण सोनी ने कहा कि यदि सरकार ने प्रस्तावित शुल्क को शीघ्र वापस नहीं लिया तो ज्वेलर्स डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन मध्यप्रदेश और सर्राफा एसोसिएशन शाजापुर के पदाधिकारी इसके विरोध में आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन किसी प्रकार के विरोध का पक्षधर नहीं है, लेकिन व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से ज्वेलरी व्यापार की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित एमडीआर शुल्क पर तत्काल पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है।



