
सोने की कीमत में गिरावट का रुख, भविष्य में तेजी के आसार
नई दिल्ली- 25 दिसंबर। शादी ब्याह का सीजन खत्म होते ही सोने की कीमत में एक बार फिर गिरावट का रुख दिखा। शुक्रवार को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 483 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह भर के कारोबार के बाद शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना 48,120 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।
जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन खत्म होने और शादी ब्याह का लग्न खत्म होने की वजह से घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की मांग में तेज गिरावट आई है। इसकी वजह से सोने की कीमत में गिरावट का रुख बनने लगा है। इसके साथ ही घरेलू बाजार में सोने की कीमत में आई इस गिरावट के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही महंगाई को भी माना जा रहा है। रुपये के मुकाबले डॉलर की कीमत में आई नरमी के कारण भी भारतीय बाजार में सोने के भाव में गिरावट का रुख बना है।
सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये की स्थिति में आई मजबूती ने सोने की कीमत की बढ़ोतरी पर प्रतिकूल असर डाला है। हालांकि माना जा रहा है कि रुपये की मजबूती और डॉलर की कमजोरी की स्थिति कभी भी पलट सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आ रही तेजी जल्दी ही रुपये को डॉलर के मुकाबले कमजोर कर सकती है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया भर में महंगाई बढ़ाने की लिए एक प्रमुख कारक सिद्ध हो सकती हैं, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नई ऊंचाई की ओर बढ़ सकता है।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का तो यहां तक मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण सोना निकट भविष्य में ही 1835 डॉलर प्रति औंस के ब्रैकेट को पार करके 1880 डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के बढ़ते खतरे के कारण भी सुरक्षित निवेश के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में तेजी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।



