
राम जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम को घरों में स्थापित करे: आचार्य सुदर्शन
पटना- 25 मार्च। आज के संक्रमण के युग में राम जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम का चरित्र वर्तमान में अधिक प्रासंगिक हो गया है। राम कब और कहां हुए। यह महत्वपूर्ण नहीं है। आज महत्त्वपूर्ण यह है कि राम का चरित्र,उनकी नैतिकता एवं मर्यादा आज प्रत्येक परिवार में होनी चाहिए। क्योंकि राम ने उस समय के समाज में पिता के प्रति,माता के प्रति,पत्नी एवं भाई के प्रति जो आदर्श स्थापित किया उसे आज प्रत्येक व्यक्ति को अनुकरण करना चाहिए।
पटना,बोरिंग रोड,भद्रकाली मंदिर के प्रांगण में हजारों भक्तों को राम कथा सुनाते हुए आचार्य सुदर्शन जी महाराज ने कहा कि आज हमारा देश एवं विशेषकर हमारा परिवार। साथ में परिवार के लोग बुरी तरह बिखरते,टूटते और हताश जीवन जी रहे हैं । इसका एक ही कारण है कि हम लोगों ने भारत की संस्कृति,विरासत,रामायण, गीता और अपने महापुरुषों के जीवन को विस्मृत कर दिया है। जिस कारण आज देश संक्रमण से गुजर रहा है। हमारा परिवार बिखर रहा है। तथा प्रत्येक व्यक्ति समाज से टूटता हुआ दिख रहा है। इसलिए राम के जीवन को अपना आदर्श बना कर प्रत्येक व्यक्ति को जीना चाहिए। कथा में आचार्य श्री ने राम जन्म का मोहक और आनंदपूर्ण दृश्य उपस्थित किया। उनका मधुर संगीत सुनकर सब लोग झूमने लगे। संगीतमय श्री राम कथा कहने वाले आचार्य श्री देश के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने राम कथा को संगीतबद्ध किया है। इसी कारण से भारत,नेपाल,मॉरीशस आदि देशों में इनकी संगीतमय श्री राम कथा को सुनने वाले नाचने एवं गाने वाले हजारों लोग इस में भाग ले रहे हैं। रमेश सिंह सुनील झा शंकर सिंह राकेश कुमार सिन्हा शशिकांत तिवारी विधान चंद्र आदि लोग उपस्थित थे।



