
MADHUBANI:- डीपीओ स्थापना कार्यालय में लाखों की गड़बड़ी,फर्जी खाता में कर्मी ने निकासी कर ली राशि
मधुबनी-24 दिसंबर। नियोजित माध्यमिक शिक्षक के वेतन मद में हो रहे भुगतान में बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान करने का मामला उजागर हुआ है। यह खुलासा इन शिक्षकों के डीए (महंगाई भत्ता)भुगतान के दौरान बैंक द्वारा बिल रोक दिये के बाद हुआ है। जिसमें यह मामला सामने आया कि एक ही खाता संख्या कई बार बिल में रिपिट किया गया है। खाताधारी के नाम को बदल कर खाता एक ही दे दिया गया है। बैंक में खाता में जमा करने के दौरान नाम मिलान नहीं होने पर उसका सत्यापन किया गया तो यह मामला सामने आया कि एडवायस में नाम परिवर्त्तन कर एक ही खाता आधे दर्जन स्थान पर चढ़ा दिया गया है। इसतरह से एक ही खाता में केवल इस बढ़ोत्तरी बिल में लगभग चार लाख राशि जमा करने की कोशिश की गयी।
संदेह होने पर बैंक ने स्थापना कार्यालय को एडवायस भेज दिया। इसके बाद की गयी जांच में यह मामला सामने आया कि एडवायस बना रहे कर्मी द्वारा अधिकतर एडवायस में फर्जी खाता जोड़कर राशि की निकासी की गयी है। जानकारी मिलते ही डीपीओ स्थापना कार्यालय में हड़कंप मच गया। अफरातरफी में एडवायस बनाने वाले कर्मी चंद्र किशोर प्रसाद को तलब किया गया। डीपीओ स्थापना मो. नजीबुल्लाह ने बताया कि संबंधित कर्मी को शोकॉज किया गया है। कर्मी सूड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय के लिपिक हैं। उन्हें विरमित कर दिया गया है। लगभग डेढ़ साल से वे डीपीओ स्थापना कार्यालय में प्रतिनियोजन पर थे। तथा माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रियाओं के प्रभार का काम कर रहे थे।
क्या है मामला—
मिली जानकारी के अनुसार एडवायस में कुछ अकाउंट गलत देकर नियोजित माध्यमिक शिक्षकों के वेतन मद की राशि की निकासी की गयी है। वर्त्तमान में भुगतान की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। एडवायस ऑनलाइन बैंक भेजा जाता है। तथा उसके आधार पर वेतन का भुगतान होता है। हालांकि हार्डकॉपी भी कार्यालय में रखा जाता है। कार्यालय में रखे गये एडवायस की जांच की जा रही है। लेकिन ऑनलाइन में अधिक गड़बड़ी होने की आशंका को देखते हुए बैंक से भुगतान के एडवायस प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। ताकि उसे मिलान किया जा सके और हुई अवैध राशि की निकासी का आकलन किया जा सके। फिलहाल शुक्रवार को इसे लेकर पूरे कार्यालय में अफरातफरी का आलम दिखा और सभी करोड़ों रुपये की गड़बड़ी होने की बात बता रहे थे। डीइओ मो.नसीम अहमद ने बताया कि इसतरह की इतनी बड़ी गड़बड़ी में अन्य लोगों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। सभी बिन्दुओं पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी—
डीपीओ स्थापना मो. नजीबुल्लाह ने बताया कि कर्मी को शोकॉज किया करते हुए विरमित कर दिया गया है। बैंक में जमा एडवायस को मंगवाया जा रहा है। गड़बड़ी हुई राशि का आकलन कर शीघ्र राशि की रिकवरी सहित कानूनी कार्रवाई की जायेगी।



