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BIHAR:- बगहा में आदमखोर बाघ वन विभाग का बना शिकार, ग्रामीणों को मिली राहत, 4 लोगों को बना चुका था अपना शिकार

बगहा- 08 अक्टूबर। बिहार के बगहा पुलिस जिला के गोवर्धना थाना अंतर्गत बलुआ गांव में शनिवार के सुबह आदमखोर बाघ के हमला में मां और बेटा के एक साथ मारे जाने के बाद प्रशासन और वन विभाग के सात घंटा कड़ी मशक्कत करने के बाद आदमखोर बाघ को चार गोली मारकर शूट करने में सफलता मिल गयी है।

शनिवार के सुबह दो लोगों के मार जाने की सूचना पाये जाने के बाद बगहा एसडीएम दीपक कुमार मिश्रा और बगहा एसपी किरण कुमार गोरख जाधव घटनास्थल पर पुलिस टीम के साथ पहुंचकर वन विभाग के साथ कामयाबी पाने के लिए रणनीत में लगे रहें, जिससे कि आदमखोर बाघ को मौत के घाट उतारा जा सके।

उल्लेखनीय है कि आदमखोर बाघ के खात्मे के लिए नेपाल के चितवन जंगल से विशेषज्ञ को भी बुलाया गया । गन्ने की खेत में बाघ की छुपे होने की सूचना पर वन विभाग के द्वारा जाल से घेराबंदी करने की कोशिश भी लगातार की जाती रही। वहीं इस मिशन में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल कर बाघ को पहले चिन्हित किया गया। फिर जाल से छिपे हुए गन्ना के खेत को चारों तरफ से घेराबंदी करके आदमखोर बाघ को मार गिराने में कामयाबी हासिल हुई।

जानकारी हो कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना का आदमखोर बाघ लगातार तीन दिन में चार लोग को मौत के घाट उतार दिया। गोबर्धना थाना क्षेत्र के बलुआ गांव में बह मां और बेटे पर हमला कर दिया। इसमें दोनों की घटनास्थल पर मौत हो गई। आज के बाघ हमले में हुई मौत( मां और बेटे) के पोस्टमार्टम के लिए शव को मृतक के परिजन नहीं दे रहे थे। हालांकि वन विभाग ने घटना में हुई दो लोगों की मौत पर 10 लाख मुआवजे देने की घोषणा की। बीते 9 माह के अंदर आदमखोर बाघ ने 9 लोगों को अपना शिकार बनाया था।

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Author: lakshyatak

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