
MADHUBANI:- बाबा ओंकारेश्वर नाथ मंदिर पर रूद्राभिषेक से भक्तिमय माहौल
श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाएगा मंदिर का पट, बुधवार को होगा भंडारा का आयोजन
मधुबनी- 16 फरवरी। रहिका प्रखंड क्षेत्र के बेलाम नवटोल में बाबा ओंकारेश्वर नाथ मंदिर पर पूरी रात शिवलिंग स्थापना अनुष्ठान से यहां भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार झा, सचिव गोविंद कुमार ठाकुर, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि मंगलवार शाम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर खोला जाएगा। बुधवार को भंडारा का आयोजन किया जाएगा। आचार्य आशीष कुमार झा ने कहा कि जगत में सत्यम शिवम सुन्दरम की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा करना आवश्यक है। भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक से संपूर्ण जगत का कल्याण होता है।

सनातन धर्म में भगवान शिव के रुद्र के साथ-साथ उनके सभी अवतारों की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान रुद्र समस्त संसार के पालन-पोषण तथा संहार की शक्ति के स्वामी हैं। यजुर्वेद में रुद्राभिषेक की महिमा का बड़ा उल्लेख मिलता है। भगवान शिव की पूजा के कई विधान है। उसमें रुद्राभिषेक अत्यंत लाभकारी है। शिव को रुद्र की संज्ञा दी गई है। आचार्य ने कहा कि ओंकारेश्वर नाथ मंदिर के लिए प्रदीप कुमार झा द्वारा जमीन दान की गई है। मंदिर निर्माण के लिए भूमि (जमीन) दान करना हिंदू धर्म में सर्वोच्च दान माना जाता है। जिससे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष), पापों का नाश और सात पीढ़ियों तक के लिए पुण्य की प्राप्ति होती है। यह भूमिदान धन, समृद्धि, आंतरिक शांति और ईश्वर की कृपा दिलाता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक सीख मिलती है। स्कंद पुराण और अन्य शास्त्रों के अनुसार मंदिर निर्माण में भूमि दान का फल अनंत होता है। जितनी बार उस स्थान पर पूजा या आरती होगी, दानकर्ता को उसका पुण्य मिलता रहता है। मंदिर का आधार (भूमि) देने से भक्त भगवान के करीब आते हैं और उनकी विशेष कृपा के पात्र बनते हैं। अनुष्ठान में संजीव कुमार चौधरी, सौरव कुमार, राधे ठाकुर, अमित ठाकुर, नरेश मंडल, दुर्गेश पंडित, शिवा मंडल, विशाल चौधरी, गोनू मंडल, विपिन कुमार झा सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल है।



