
जहां प्रेम है परमात्मा,वहीं प्रकट होते हैं: सुदर्शन जी महाराज
पटना- 27 मार्च। मां भद्रकाली मंदिर परिसर पटना में राम कथा के तीसरे दिन अचार्य श्री सुदर्शन जी महाराज ने कथा की शुरुआत भोलेनाथ की पूजा अब तक बाबा को कावड़ चढ़ाया नहीं गीत से किया महाराज जी समाज में फैल रही कुरीतियों पर सबका ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि आज परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा हो रही है। नए-नए वृद्ध आश्रमों का निर्माण हो रहा है जो सामाजिक पतन का संकेत है बाल विवाह और दहेज प्रथा के बारे में भी उन्होंने चिंता प्रकट की और कहा कि यह उचित नहीं है। उनका कहना था कि शादी विवाह को खरीद बिक्री नहीं बनाना चाहिए।

परिवार में एक दूसरे के प्रति प्रेम हो,पति पत्नी के बीच हास परिहास हो,उन्होंने कहा कि जहां प्रेम होता है। परमात्मा वही प्रकट होते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि विवाह गीत भारत की परंपरा के अनुरूप गाए जाते हैं। इसे मंगल गीत भी कहा जाता है। विवाह गीतों में मिथिलांचल की परंपरा की अपनी महक और खुशबू है मिथिला के विवाह गीतों में अद्भुत सुंदरता होती है राम जब विवाह मंडप में आते हैं,तो सीता की सखियां दूल्हे से मजाक करती है। आचार्य श्री विवाह गीतों को गाना शुरू किया، तो उपस्थित श्रोता अपने को झूमने नाचने से रोक नहीं पाए श्रोता घंटों राम कथा सरोवर सरोवर में गोते लगाते रहे। फूलों की होली के साथ कथा का समापन हुआ तो ऐसा लगा कि पूरा पंडाल वृंदावन बन गया। अद्भुत और मनोहारी दृश्य था। मौके पर राम कथा आयोजन समिति के सदस्य गण रमेश कुमार सिंह,राकेश कुमार सिन्हा,विनोद शर्मा श्री लाल बाबू लाल श्री बिधान चंद्र राणा भी उपस्थित थे ।



