
देश की अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2020-21 में 6.6 फीसदी की रही गिरावट
नई दिल्ली- 31 जनवरी। कोरोना महामारी को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वित्त वर्ष 2020-21 में 6.6 फीसदी की गिरावट रही। इससे पहले मई, 2021 में जारी शुरुआती अनुमानों में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जीडीपी में 7.3 फीसदी की गिरावट आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सोमवार को जारी संशोधित आंकड़ों में यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जारी संशोधित आंकड़ों के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था में कोरोना महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्त वर्ष 2020-21 में 6.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। एनएसओ के मुताबिक ये आंकड़ा मई, 2021 में जारी अस्थायी अनुमानों से कहीं बेहतर है। दरअसल उस समय कहा गया था कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कोरोना महामारी और सख्त देशव्यापी लॉकडाउन के कारण जीडीपी में 7.3 फीसदी का संकुचन आया था।
एनएसओ के जारी संशोधित राष्ट्रीय खाता आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 और वित्त वर्ष 2019-20 के लिए वास्तविक जीडीपी जो स्थिर कीमतों (2011-12) पर आधारित है क्रमशः 135.58 लाख करोड़ रुपये और 145.16 लाख करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 6.6 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में ये 3.7 फीसदी बढ़ा था। बता दें कि वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2021-22 के आर्थिक सर्वेक्षण में 8-85 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रहने का अनुमान जताया है।



