
मधुबनी। कोरोना काल को लेकर लंबे समय से बंद भारत नेपाल सीमा को अब पूर्ण रूप से खोल दिया गया है। जिससे दोनों देश के संबंध में सुधार के आसार दिख रहे है। इस दौरान गुरुवार को भारत नेपाल का मुख्य मार्ग पिपरौन-जटही को पूर्ण रूप से खोल दिया गया। जिसके बाद दोनों देश के बीच परिवहन व यातायात सुचारू हो गया। बॉर्डर खोल दिये जाने के बाद स्थानीय लोगो मे हर्ष का माहौल है। विदित हो कि पिछले दिनों नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा बॉडर खोलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन भारतीय सीमा क्षेत्र में तैनात एसएसबी को आधिकारिक पत्र नही मिलने के कारण बॉर्डर बंद ही रखा गया था। फलस्वरूप गुरुवार से बॉडर पर लगे बेरियर को हटा दिया गया तथा आवागमन पहले की तरह सुचारू किया गया। स्थानीय रणवीर सिंह, बंटी सिंह, अनिल कुमार सिंह, मनोज महतो, ऋषिकेश झा समेत लोगो ने बताया कि बॉर्डर सील होने के कारण दोनों देश के पारिवारिक व व्यवसायिक सम्बंध पर असर पड़ रहा था। इस बीच सैकड़ो शादियां तक नही हो पाई। खासकर लोग अपने परिवार से अलग हो गए। अब जाकर जब बॉर्डर खुला है तो यह दोनों सरकार के द्वारा स्वागत योग्य निर्णय है। इस खबर की पुष्टि करते हुए पिपरौन कैम्प के इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार ने कहा कि एसएसबी द्वारा सरकार के निर्देशानुसार फिलहाल वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। एसएसबी जवान की हर गतिविधियों पर पैनी नजर है। बॉर्डर खुलने से दोनों देश के रिश्ते में मजबूती मिलेगी।



