
मत्स्य संसाधन मंत्री ने जितना नुकसान मछुआरा समाज का किया उतना कभी नहीं हुआ: डॉ जायसवाल
पटना- 27 मार्च । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने रविवार को पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी के संबंध में कहा कि इनके मंत्री काल में जितना नुकसान मछुआरा समाज को हुआ उतना कभी नहीं हुआ।
प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ जायसवाल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने मछुआरा समाज को डैमेज करने का काम कर रहे हैं। उनके मंत्री रहते मछुआरा समाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्यजीवी समाज के लोग आज मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि मछुआ को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सदस्य वही बनेंगे जो परम्परागत मत्स्यजीवी समाज से होना चाहिए। इस मामले पर सहकारिता विभाग ने पांच बार पत्र भेजकर मत्स्य संसाधन विभाग से पूछा है कि परंपरागत मत्स्यजीवी समाज में कौन कौन है, जानकारी दी जाए, लेकिन जानकारी नहीं दी गई । परम्परागत समाज का नाम नहीं बताया गया, न ही इसकी सूची आज तक दी गयी ।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पहली बार मछुआ को-ऑपरेटिव सोसाइटी से मंत्री पद खत्म कर दिया गया तथा कार्यकारिणी बना दी गई और इसकी जिम्मेवारी समाज के लोगों से अलग हटकर एक अधिकारी को दे दिया गया जबकि यह मंत्री भी उनके समाज का होता था । डॉ जायसवाल ने इस बदलाव की भर्त्सना करते हुए कहा कि इस पर वे कारवाई करें, नहीं तो मैं उनपर कार्रवाई करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय बर्दाश्त के लायक नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से भाजपा मत्स्यजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व वंजरिया मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री ललन कुमार सहनी, पकरीदयाल के मंत्री बलिराम सहनी, मधुबन के मंत्री अजय कुमार निषाद, दरभंगा से अंजनी निषाद, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री रणधीर कुमार सहनी, ढाका के अनिल महतो, बच्चन मुखिया आदि शामिल थे ।



