
एनयूजे ने पत्रकार भावना कुमारी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की
नई दिल्ली- 06 मई। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) पंजाब के लुधियाना में टाइम्स नाऊ-नवभारत की संवाददाता भावना कुमारी और दो अन्य की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। साथ ही उन पर बनाए गए सभी मामले वापस लेने की मांग की है। संगठन की तरफ से चेतावनी दी गई है कि मीडियाकर्मियों पर दर्ज मामले वापस न लेने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
एनयूजे ने शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि संगठन के अध्यक्ष रास बिहारी ने इस बारे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। गृहमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बारे में खुलासे करने पर यह बदले की कार्रवाई की गई है।
पत्र में कहा गया है कि पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने टाइम्स नाऊ-नवभारत की पत्रकार भावना कुमारी, उनके साथ यात्रा कर रहे मृत्युंजय कुमार और ड्राइवर को एक महिला को टक्कर मारन के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर एससी-एसटी एक्ट भी लगा दिया गया है। पंजाब पुलिस की तरफ से बताया गया है कि लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने 05 मई को एक तेज रफ्तार कार से एक महिला को टक्कर मारने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। टक्कर लगने से उसके दाहिने हाथ में चोट आई और अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान भावना कुमारी, मृत्युंजय कुमार और चालक परमिंदर सिंह के रूप में हुई है।
रास बिहारी ने कहा कि हैरानी की बात है कि सड़क पर टक्कर मारने के आरोप के साथ ही मीडियाकर्मियों पर गालीगलौज और एससी-एसटी एक्ट लगा दिया गया। मीडियाकर्मियों को आरोप लगाने वाली महिला की जाति के बारे कैसे पता होगा। इससे साबित होता है कि मीडियाकर्मियों की आवाज दबाने के लिए पंजाब सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है।



