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पाकिस्तान में मतदान संपन्न होने के बाद मतणगना शुरू, बन सकती है नवाज की सरकार

इस्लामाबाद- 08 फरवरी। पाकिस्तान में छिटपुट हिंसा के बीच आम चुनाव के लिए गुरुवार शाम मतदान होने के बाद मतगणना शुरू हो गई। मतदान के बाद मतगणना स्थलों पर ही उम्मीदवारों के एजेंटों के समक्ष मतपेटियों की सील तोड़कर मतगणना शुरू की गई। आतंकी हमलों को नाकाम करने के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं सरकार द्वारा निलंबित किए जाने के कारण इस दौरान ‘कनेक्टिविटी’ की समस्याएं पेश आईं। उम्मीद है कि शुक्रवार दोपहर तक परिणाम आने के साथ ही नई सरकार के गठन के रास्ता साफ हो जाएगा।

मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और यह शाम पांच बजे तक जारी रहा। करीब 12 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के इसमें हिस्सा लेने लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। जानकारों के अनुसार पाकिस्तान में एकबार फिर नवाज शरीफ के नेतृत्व में सरकार बन सकती है।

पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने कहा कि उसने दिन भर में प्राप्त चुनाव संबंधी 76 शिकायतों का समाधान कर दिया। मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद ‘बिगड़ते सुरक्षा हालात’ के मद्देनजर देश भर में मोबाइल सेवाओं को निलंबित कर दिया गया।

मतदान संपन्न होने पर एक घंटे की पाबंदी की अनिवार्य समय सीमा के बाद मतगणना शुरू होने के साथ विभिन्न मतदान केंद्रों से नतीजे आने शुरू हो गए। लेकिन किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का पूर्ण नतीजा आने में अभी कुछ घंटे लग सकते हैं।

चुनाव ड्यूटी के दौरान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खां जिले में सुरक्षाकर्मियों के वाहन पर हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। वाशबूद पंजगुर में हुए विस्फोट में दो बच्चों के मरने की सूचना है, अन्य घटनाओं में भी दो लोग मारे गए हैं। वैसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को पूरे दिन निलंबित रखा था।

नेशनल असेंबली की 336 सीट में से 266 पर ही मतदान कराया जाता है। लेकिन बाजौर में, हमले में एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के बाद एक सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया था। अन्य 60 सीट महिलाओं के लिए और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं, और ये जीतने वाले दलों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित की जाती हैं।

नयी सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 265 सीट में से 133 सीट जीतनी होंगी। चुनावी सर्वे में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) को आगे माना जा रहा है। नवाज को सेना का समर्थन भी माना जा रहा है।

मतगणना संचालित कराने वाले पीठासीन अधिकारी ही रिटर्निंग ऑफिसर के जरिये चुनाव प्रबंधन व्यवस्था को सूचित करेंगे और परिणाम की घोषणा करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए मतगणना स्थलों के आसपास लगभग साढ़े छह लाख सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त किया गया है।

चुनाव में पीएमएल (एन) के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को मुकाबले में माना जा रहा है। चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने के कारण पीटीआई के उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।

पाकिस्तान की नई सरकार के लिए आर्थिक तंगी और आतंकवाद से निपटना बड़ी चुनौती होगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई बड़े हमले करके आतंकी संगठनों ने अपनी ताकत प्रदर्शित की है।

खैबर-पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली इलाके में अज्ञात लोगों ने सुरक्षाबलों के एक वाहन पर रॉकेट से हमला किया।

मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के बावजूद, पूरे पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोगों ने 855 निर्वाचन क्षेत्रों में संघीय संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिए मतदान किया। मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चुनाव के दिन मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे ’अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकारों पर एक कुठाराघात’ बताते हुए इंटरनेट सेवाओं पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को तत्काल हटाने का आह्वान किया है।

शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए देशभर में करीब 6,50,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।

पाकिस्तान चुनाव आयोग के अनुसार, नेशनल असेंबली की सीटों के लिए कुल 5,121 उम्मीदवार दौड़ में हैं। इनमें 4,807 पुरुष, 312 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर हैं। चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 12,695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 12,123 पुरुष, 570 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर हैं।

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Author: lakshyatak

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