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केन्द्र के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा : अरविंद केजरीवाल

रांची-02 जून। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को हेमंत सोरेन से रांची में मुख्यमंत्री आवास में औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद तीनों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत की।

केजरीवाल ने कहा कि हेमंत सोरेन के साथ हमारा भाई का रिश्ता है। आपस में हम लोगों ने कई विषयों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने हमसे बहुत सी शक्तियां छीन ली थी लेकिन 11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की चुनी हुई सरकार को वो सारी शक्तियां लौटा दीं। इसके बाद 19 मई को रात के अंधेरे में एक अध्यादेश जारी कर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया।

इस अध्यादेश को मानसून सत्र में संसद में पेश किया जायेगा। इसके खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा। केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश को दिल्ली के लोगों के साथ अन्याय बताया। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार ने जो किया, वह दिल्ली की जनता का अपमान है। केजरीवाल ने कहा कि अगर राज्यसभा में सभी गैर भाजपा सदस्य एकजुट हो जाएं तो राज्यसभा में भाजपा को हराया जा सकता है। क्योंकि, आज दिल्ली के साथ जो हुआ है, कल अन्य राज्यों के साथ भी हो सकता है। इसलिए इस अध्यादेश का डटकर विरोध करना होगा।

दिल्ली के सीएम ने दावा किया कि सभी पार्टियों का उन्हें समर्थन मिल रहा है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी उन्हें आश्वस्त किया है कि संसद से सड़क तक वे मोदी सरकार के इस अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लड़ाई को अपना समर्थन देंगे। मैं दिल्ली की जनता की ओर से हेमंत को धन्यवाद देता हूं। झारखंड के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं।

सफल होगी केजरीवाल की मुहिम : हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित प्रदेशों पर प्रहार कर रही है। वह इस विषय पर पार्टी में चर्चा करेंगे। दिशोम गुरु शिबू सोरेन से भी चर्चा करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना चाहिए। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन ने कहा कि बाबा भीमराव आंबेडकर ने जो लोकतंत्र हमें दिया था, उसे बचाने के लिए मजबूती के साथ लड़ाई लड़ेंगे। इसमें सभी लोगों की भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

सोरेन ने कहा कि इस विषय पर सभी राज्यों के साथ चर्चा हो रही है। दिल्ली में झारखंड के भी लोग रहते हैं। बिहार के भी लोग हैं। यूपी, केरल, महाराष्ट्र के लोग हैं। समूचे देश के जनप्रतिनिधि दिल्ली में रहते हैं। ऐसे निर्णय से आने वाले समय में पूरे देश पर असर डालेगा। देश के 80 प्रतिशत लोग जो हमारे देश में किसान और गांव देहात से आते हैं, उनके लिए बहुत ही पीड़ादायक साबित होगा। केजरीवाल पर जो कानून थोपने का प्रयास हो रहा है, उसपर राजनीतिक लड़ाई जरूरी है और जो कदम केजरीवाल जी ने बढ़ाया है, मैं चाहूंगा कि इस मुहिम में सफल हो यही कामना है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि चुनी हुई सरकार को जिस तरह से अधिकार विहीन किया जा रहा है, यह एक नई परंपरा की शुरुआत हो रही है और देश की अनेकता में एकता पर एक बड़ा प्रहार है। संघीय ढांचे की बात केंद्र सरकार करती है लेकिन कार्य उसके विपरीत होते हैं, जो केंद्र के सहयोगी सरकार नहीं है राज्यों में उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले देश के लोकतंत्र के मंदिर लोकसभा का उद्घाटन हुआ लेकिन उसी मंदिर के चंद दूरी पर कई और घटनाएं भी घटी तो यह सिर्फ गैर भाजपा सरकारों पर प्रहार नहीं है, बल्कि देश की जनता के ऊपर प्रहार है।

लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होना होगा : भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और आम आदमी पार्टी दोनों ही आंदोलन से निकली हुई पार्टी है तो हमें एक और आंदोलन की जरूरत है। लोकतंत्र और चुनाव को बचाने के लिए हम विपक्ष नहीं हैं, बल्कि देशभक्त हैं और हमें एकजुट होना होगा।

उन्होंने कहा कि कोई हम कोई व्यक्तिगत समस्या लेकर नहीं आए हैं। यह लोकतंत्र की जो हत्या हो रही है, देश में उसको बचाने की मुहिम है। पिछले दिनों हमने देखा था कि हमारे पहलवान अपने जीते हुए मंडल को गंगा जी में बहाने के लिए हरिद्वार गए थे। अगर इस पर कोई समाधान नहीं निकला तो अगली बार वे अपनी अस्थियां विसर्जित करने जाएंगे। भाजपा लोकतंत्र की हत्या करती आई है। चुनाव में नहीं जीतती है तो जीते हुए लोगों को तोड़ती है।

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Author: lakshyatak

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