
हाई कोर्ट ने बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल की टेंडर प्रक्रिया पर लगायी रोक
पटना- 31 जनवरी। राज्य के विद्यालयों और बच्चों के लिए मूलभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक सामग्रियों की प्राप्ति और आपूर्ति के लिए बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल पटना की ओर से निकाले गए टेंडर की प्रक्रिया पर पटना हाई कोर्ट ने तत्काल रोक लगा दी है। दी बिहार ऑफसेट प्रिंटर एसोसिएशन और अन्य की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने आज सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टेंडर की बेसिक प्रक्रिया को रद्द करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अगले आदेश तक वर्क ऑर्डर पर रोक लगा दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अगले आदेश तक नीलाम की बोली लगाने वाले किसी भी बिल्डर के पक्ष में वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने कोर्ट को बताया कि निविदा की शर्तें इतनी सख्त है कि कोई भी बिहार राज्य का व्यक्ति इसमें भाग लेने योग्य नहीं पाया जा सकता है।
बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट कॉउन्सिल की ओर से वरीय अधिवक्ता ललित किशोर उपस्थित हुए। केंद्र सरकार का पक्ष अधिवक्ता तुहिन शंकर ने रखा। इस मामले में प्रोजेक्ट कॉउन्सिल की ओर से हलफनामा दाखिल कर दिया गया है, केंद्र सरकार और राज्य सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को याचिका में उठाये गए सभी मुद्दों पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए 10 दिनों का समय कोर्ट ने दिया है।



