
सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के उद्घाटन बाद बोले- मुजफ्फरपुर आंख ऑपरेशन मामले में दोषी पर होगी कार्रवाई
पटना- 14 दिसबंर। सीएम नीतीश कुमार ने राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के सभागार में मंगलवार को 1,919 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से 772 विभिन्न योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास उद्घाटन एवं लोकार्पण किया। साथ ही जमुई में 500 करोड़ के मेडिकल कॉलेज का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्धाटन किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि जबसे राज्य की जिम्मेवारी मिली है सभी क्षेत्रों में विकास का काम किया गया है और आगे भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर में एक प्राइवेट अस्पताल में हाल ही में आंखों के इलाज के दौरान मरीजों के आंखों की रौशनी चली गई। यह बेहद दुखद है। प्राइवेट अस्पतालों को ठीक से काम करना होगा। हमलोग इस घटना की जांच करवा रहे हैं जो भी दोषी पाए जाएंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आंखें चली गईं है राज्य सरकार की तरफ से पीड़ितों को सहायता दी जाएगी।शुरुआत में हमने समाचार माध्यमों से कहा था कि स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी चीजों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा तो लोगों में इसके प्रति जागरुता आएगी। उस समय आज की तरह आधुनिक तकनीक नहीं थी लेकिन उस समय समाचार पत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कामों की चर्चा होती थी, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलती थी और उससे फायदा होता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के तीसरे फेज की बात की जा रही है। कई विकसित देशों में कोरोना के नए वेरियंट ओमीक्रोन के केस बढ़ रहे हैं। अपने देश में और राज्य में भी इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। हमलोग सभी प्रकार के इंतजाम किए हैं। इसको लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है। कोरोना जांच प्रतिदिन लगभग 2 लाख किए जा रहे हैं। देश में 10 लाख की आबादी पर जितनी औसत जांच की जा रही है, उससे बिहार में की जा रही जॉच अधिक है। आज सुबह तक 9 करोड़ 1 लाख 56 हजार 334 कोरोना टीका के डोज दिए जा चुके हैं। हमलोग पिछड़े राज्य होते हुए भी विकास के कई काम कर रहे हैं। हमलोगों की आबादी अधिक है और क्षेत्रफल कम है इसलिए हमलोग पिछड़े राज्य हैं। पटना में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं इसको लेकर हमलोग सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग सबके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए निरंतर काम करते रहेंगे ताकि सभी लोग सुरक्षित रहें।सीएम ने कहा कि वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद सर्वे कराया, जिसकी रिपोर्ट फरवरी 2006 में आयी। सर्वे से पता चला कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक माह में 39 लोग इलाज के लिए लोग आते थे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई कदम उठाए गए और अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लोग 10 हजार लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सातों दिन, 24 घंटे, लोगों का ट्रीटमेंट शुरु किया गया था। लैंडलाइन टेलीफोन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय से जानकारी ली जाती थी। उन्होंने कहा कि लैंडलाइन टेलीफोन को अब भी फंक्शनल रखें।
सीएम ने कहा कि सात निश्चय -1 के तहत सभी जिलों में जीएनएम संस्थान, पारा मेडिकल संस्थान, सभी अनुमंडलों में एएनएम संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। सात निश्चय -2 के अंतर्गत टेलीमेडिसिन की शुरुआत की गई है। बाल हृदय योजना की शुरुआत फरवरी माह में शुरू की गई है। अब तक 264 बच्चों का इस योजना के तहत इलाज कराया जा चुका है।पटना के एम्स में इलाज कराने आनेवाले मरीजों के परिजनों के लिए एम्स के पास ही राज्य सरकार की तरफ से रोगी परिचारी गृह का निर्माण कराया जायेगा। एम्स के एक्सपेंशन के लिए भी हमलोग जमीन उपलब्ध कराएंगे। शिशु रोग अतिविशिष्ट अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। आयुष प्रक्षेत्र में भी बेहतर काम किया जा रहा है। अब नई तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित एवं नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने चिकित्सकों से निवेदन करते हुए कहा कि बिहार में रहिए, बिहार की सेवा कीजिए। हमलोग इलाज के साथ-साथ चिकित्सकीय शिक्षा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
सीएम ने नौ स्वास्थ्यकर्मियों को दिया नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने 9 स्वास्थ्यकर्मियों (चिकित्सक, एएनएम, लैब टेक्नीशियन एवं कोल्ड चेन टेक्नीशियन) को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेहतर कार्य किए जाने वाले जिलों को भी सम्मानित किया। इसमें प्रथम डोज के लिए पूर्णिया, सहरसा, गया, पटना एवं सीवान को, जबकि दूसरे डोज के लिए सहरसा, गोपालगंज, सीवान, पूर्वी चंपारण एवं पश्चिमी चंपारण को सम्मानित किया गया।
कोरोना काल में बेहतर कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष सचिव सह कार्यपालक निदेशक राज्य आयुष समिति अरविंदर सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति अनिमेश कुमार पराशर, ओएसडी स्वास्थ्य विभाग श्रीमती रेणु देवी, असिस्टेंट डायरेक्टर राज्य स्वास्थ्य समिति श्री मनीष रंजन, स्टेट प्रोग्राम मैनेजर, राज्य स्वास्थ्य समिति विवेक कुमार सिंह, पीएमयू हेल्थ डिपोर्टमेंट धन्या शशि, पीएमयू हेल्थ डिपोर्टमेंट सना जैन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के ‘डिजिटल बल्ड डोनर कार्ड को रक्तदाता मुंगेर के पत्रकार त्रिपुरारी कुमार मिश्रा, सीतामढ़ी की चिकित्सक डॉ प्रतिमा आनंद को वितरित किया ।कार्यक्रम के दौरान कॉफी टेबल बुक मीमांशा – 2021’ का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।



