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सरकारी कर्मचारियों को 15 अगस्त तक पुरानी पेंशन स्कीम की सौगात देगी राज्य सरकार: CM सोरेन

रांची- 26 जून। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार 15 अगस्त तक राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम की सौगात देगी। 15 अगस्त तक सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने रविवार को मोरहाबादी स्थित बिरसा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित पेंशन जयघोष महासम्मेलन में यह बातें कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी काल से उबरने के बाद अब राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने में लगी है। सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में आप सभी कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। आप सभी लोग राज्य सरकार के अभिन्न अंग हैं। राज्य को बेहतर दिशा देने में सभी वर्गों का साथ चाहिए तभी राज्य आगे बढ़ेगा। हमारी सरकार आपकी समस्याओं का समाधान कर रही है। राज्य के पारा शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं का निदान भी वर्तमान सरकार ने किया है।

राज्य के सर्वांगीण विकास में सभी का सहयोग जरूरी—

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फुटबॉल स्टेडियम में उपस्थित आप सभी पदाधिकारी, कर्मीगण के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है। आप सभी लोग सरकार के आंख, कान, नाक तथा हाथ-पांव बनकर कार्य करते हैं। झारखंड प्रदेश जहां की भौगोलिक संरचना कई मायनों में काफी अलग है। यहां लोग पहाड़, पर्वत, जंगल सहित अनेकों दुर्गम जगहों पर निवास करते हैं, उन तक सरकार की योजनाओं और संदेशों को आप के माध्यम से पहुंचाया जाता है। सरकार और आपके आपसी समन्वय से इस राज्य को विकास की श्रेणी में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इस राज्य की परिस्थिति को देखते हुए, सभी समस्याओं को सुलझाते हुए कदम बढ़ा रही है। हमें किसी भी हाल में हारना नहीं है। सरकार समस्याओं के जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जनहित के सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण काल में आप सभी ने सराहनीय कार्य किया—

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के समय आप सभी के द्वारा किया गया कार्य काफी सराहनीय रहा। सीमित संसाधनों के साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर जनहित में जो कार्य आप सभी ने कर दिखाया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। वैश्विक संक्रमण के समय राज्य के अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, इत्यादि पर्याप्त संख्या में नहीं थे, ऐसी स्थिति में भी हम सभी ने मिलकर राज्य को इस संक्रमण से निकालने का काम कर दिखाया है। ये सब आपके सहयोग से ही संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग अपने अपने घरों में कैद थे। तभी गरीब, किसान, मजदूर, जरूरतमंदों तक आंगनबाड़ी कर्मी, सहिया दीदियां एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं सहित विभिन्न संस्थान के लोगों द्वारा भोजन पहुंचाने का काम किया गया। राज्य सरकार ने झारखंड में किसी को भी भूखा मरने नहीं दिया। हम सभी ने मिलकर उस समय एक बेहतर प्रबंधन का मिसाल कायम किया।

सभी के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश—

हेमन्त सोरेन ने कहा कि जिस आशा और विश्वास के साथ हमारी सरकार बनी है, इन आशा और विश्वास पर हमें खरा उतरना है। सरकार ने जो वादे किए हैं उन वादों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने की कोशिश की जा रही है। 32 वर्ष बाद राज्य में कृषि पदाधिकारी तथा राज्य गठन के बाद पहली बार विधि प्रयोगशालाओं में राज्य के स्थानीय बच्चों की नियुक्ति की गई है। झारखंड कृषि प्रधान राज्य है। कृषि पदाधिकारियों के अभाव में आधुनिक संसाधनों का उपयोग यहां के किसान नहीं कर पा रहे थे। मुझे विश्वास है कि अब नवनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक की जानकारी तथा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। राज्य विधि प्रयोगशालाओं में फॉरेंसिक जांच के लिए कर्मी नहीं थे। अब हमें फॉरेंसिक जांच सहित कई जांचों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

जन-जीवन को सुरक्षित करना लक्ष्य—

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जन-जीवन को सुरक्षित करना हमारा लक्ष्य है। सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार ने राज्य में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का काम किया है। पात्र लोगों को खोज-खोज कर सरकार पेंशन देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठने वाले लोगों को संवेदनशील होना चाहिए। जनहित के निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं को देखने की आवश्यकता पड़ती है। इस पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी की भी चिंता करना जरूरी है। वर्तमान राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के कई योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन न के बराबर किया गया है। हमारी सरकार सभी लोगों के साथ संवेदना रखती है। हमारी सरकार में लाठी-डंडा, शोषण या बेवजह परेशान करने की इजाजत नहीं है। पहले राज्य के पारा शिक्षक साल के 12 महीनों में 11 महीना धरना प्रदर्शन ही करते दिखते थे, परंतु सरकार गठन के बाद हमने उनके समस्याओं को सुलझाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीन रवैया से राज्य में समस्याओं का अंबार लगा पड़ा है। हमारी सरकार हरसंभव इन समस्याओं को सुलझाने में लगी है।

मुख्यमंत्री का परंपरागत स्वागत—

मुख्यमंत्री सोरेन के सभा स्थल पर पहुंचते ही तालियों की गूंज से स्टेडियम गुंजायमान हो गया। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम झारखंड (एनएमओपीएस) के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का परंपरागत स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री को एक शिक्षिका रजनी कुमारी ने उनका तथा राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पेंटिंग भेंट की।

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