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संसद में पेश करने से दो महीने पहले सार्वजनिक नहीं हो सकेगा विधेयक का ड्राफ्ट
नई दिल्ली- 01 नवंबर। सुप्रीम कोर्ट ने संसद और विधानसभा में विधेयक पेश करने से दो महीने पहले उसका ड्राफ्ट सार्वजनिक करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता की इस मांग में दम है कि स्थानीय भाषाओं में ड्राफ्ट लोगों को उपलब्ध हो और उस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हम अपनी ओर से सरकार को ये निर्देश नहीं दे सकते हैं।
भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर याचिका में वापस लिये जा चुके कृषि कानूनों का भी हवाला दिया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने कहा कि जल्दबाजी में बने कानून कई बार उपयोगी साबित नहीं होते। अगर कानून का ड्राफ्ट लोगों के सामने होगा तो उस पर चर्चा होगी। उस दौरान लोगों की तरफ से आए सुझाव से जनप्रतिनिधियों को मदद मिलेगी।



