बिहार

विद्यालयों के विकास के लिए 2.5 लाख तक का खर्च कर सकते है स्कूल के प्रधानाध्यापक

गोपालगंज- 17 अप्रैल। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि जिले के वैसे विद्यालयो को जिसमें 500 छात्रों पर डेढ़ लाख रुपए विकास पर खर्च करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा 501 से 750 तक छात्र होने पर दो लाख और 750 के ऊपर छात्र होने पर ढाई लाख रुपए खर्च करने की सीमा निर्धारित की गई है। इस बारे में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जिला अंतर्गत सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को इस बारे में अवगत करा दिया जाए। दिए गए निर्देश के मुताबिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विकास कोष में संचित राशि से भवन मरम्मत, भवन निर्माण एवं अन्य मदों में व्यय हेतु पहले के सभी विभागीय निर्देशों के उत्क्रमित करते हुए विकास

कोष में संचित राशि से भवन मरम्मत भवन निर्माण एवं अन्य मदों में व्यय हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें प्राचार्य द्वारा विद्यालय भवन के रखरखाव जिसमें खिड़की दरवाजा फर्श की मरम्मत ही पेयजल की सुविधा विद्यालय के उपकरणों की मरम्मत उपस्कर की मरम्मत एवं बागवानी पर नियमानुसार खर्च किया जाएगा। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विकास कोष में संचित राशि से विद्यालय के विकास कार्य के लिए रुपए खर्च किए जाएंगे। छात्रों की संख्या के आधार पर रुपए खर्च करने की अनुमति दी गई है। विद्यालयों के विकास के लिए ढाई लाख तक का खर्च स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा।

विद्यालयों में 5 लाख से अधिक रुपए के खर्च का कार्य विद्यालय प्रबंध समिति की अनुशंसा पर बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड पटना के माध्यम से कराया जाएगा।प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिमाह छात्र संख्या के आधार पर विद्यालय के लिए राशि जिसमें 500 छात्र वाले विद्यालय में प्रतिमाह 12,500 जबकि 750 तक वाले छात्र संख्या वाले विद्यालय में प्रतिमा 16,666 तथा 750 से ऊपर छात्र संख्या वाले विद्यालय में प्रतिमाह 20,833 रुपए खर्च कर सकते हैं। किसी माह में तथा की सीमा में अधिक व्यय होगा लेकिन पूरे वित्तीय वर्ष में निर्धारित राशि से अधिक व्यय नहीं होगा। किसी भी परिस्थिति में वित्तीय वर्ष में एकमुश्त राशि व्यय नहीं की जाएगी।

प्रधानाध्यापक द्वारा विकास कोष से व्यय हेतु निर्धारित मदों में वे छात्र संख्या के आधार पर विद्यालय के लिए अपनी राशि का विवरण विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विकास कोष में संचित राशि से भवन मरम्मत भवन निर्माण एवं अन्य मदों में व्यय हेतु पहले के सभी विभागीय निर्देशों को उत्क्रमित करते हुए विकास कोष में संचित राशि से भवन मरम्मत भवन निर्माण एवं अन्य मदों में व्यय हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें प्राचार्य द्वारा विद्यालय भवन के रखरखाव जिसमें खिड़की दरवाजा फर्श की मरम्मत ही पेयजल की सुविधा विद्यालय के उपकरणों की मरम्मत उपस्कर की मरम्मत एवं बागवानी पर नियमानुसार खर्च किया जाएगा। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विकास कोष में संचित राशि से विद्यालय के विकास कार्य के लिए रुपए खर्च किए जाएंगे। छात्रों की संख्या के आधार पर रुपए खर्च करने की अनुमति दी गई है। विद्यालयों के विकास के लिए ढाई लाख तक का खर्च स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button