
राहुल के बयान पर विदेश मंत्री ने पूछा-चीन और पाकिस्तान कब साथ नहीं थे
नई दिल्ली- 02 फरवरी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस आरोप को खारिज किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों के कारण चीन और पाकिस्तान एक साथ आ गए हैं।
लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी के भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले दशकों में कांग्रेस शासन के दौरान ही चीन और पाकिस्तान के बीच निकट संबंध कायम हुए थे। इस संबंध में उन्होंने पिछले घटनाक्रम की याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 1963 में पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के एक क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था। इसी इलाके में चीन ने 1970 के दशक में काराकोरम राजमार्ग का निर्माण किया। विदेश मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता को इतिहास की जानकारी रखनी चाहिए।
जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि 1970 के दशक में ही चीन और पाकिस्तान के बीच नजदीकी परमाणु सहयोग आरंभ हुआ था। दोनों देशों के बीच आर्थिक गलियारे निर्माण का काम वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। विदेश मंत्री ने इन तथ्यों का हवाला देते हुए राहुल गांधी से पूछा कि क्या पहले चीन और पाकिस्तान एक साथ नहीं थे?
विदेश मंत्री ने राहुल के इस कथन पर भी आपत्ति व्यक्त की कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी अतिथि नहीं आया। विदेश मंत्री ने कहा कि जो लोग देश में रहते हैं उन्हें पता है कि देश में कोरोना की लहर से गुजर रहा है। मध्य एशिया के 5 देशों के राष्ट्र अध्यक्षों को इस समारोह में भाग लेना था लेकिन बाद में उनके साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वार्ता की गई। क्या राहुल गांधी कि इस पर भी नजर नहीं गई।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी के भाषण की आलोचना की। संसद भवन परिसर में जोशी ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री मोदी को राजा कहते हैं। कांग्रेस नेता यह भूल जाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता का दिल जीता है तथा वह लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित नेता है। दूसरी ओर राहुल गांधी को आज बोलने का मौका भी नेहरू गांधी परिवार की विरासत के कारण ही मिल रहा है।
जोशी ने राहुल गांधी को बिना दिमाग वाला भ्रम का शिकार नेता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल भारत को एक देश नहीं मानते, जबकि वह चीन के विजन की प्रशंसा करते हैं। राहुल का कहना है कि चीन की दृष्टि साफ है। क्या कांग्रेस नेता चीन की हिमायत कर रहे हैं। जोशी ने यह भी पूछा कि तिब्बत की समस्या कांग्रेस पार्टी की देन है।



