
राजस्थान में इस बार मानसून सामान्य रहने की उम्मीद
जयपुर- 16 अप्रैल। मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान में राजस्थान के लिहाज से इस बार मानसून के औसत रहने के आसार हैं। इस बार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में बारिश सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दक्षिण-पूर्वी में बारिश सामान्य से थोड़ी अधिक होने का अनुमान है।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार केंद्रीय एजेंसी की ओर से जारी पूर्वानुमान में मानसून के सामान्य रहने की स्थिति दिख रही है। इसके मुताबिक उत्तर-पूर्वी राजस्थान के बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू क्षेत्र में बारिश सामान्य से कम हो सकती है। जबकि,कोटा,सवाई माधोपुर, भरतपुर,अलवर,झुंझुनूं,जयपुर, दौसा,धौलपुर,बारां,बूंदी,टोंक, बांसवाड़ा,डूंगरपुर और उदयपुर में बारिश सामान्य से थोड़ी अधिक होने की संभावना है। पाली,जोधपुर, सिरोही,जालोर,राजसमंद,भीलवाड़ा और अजमेर क्षेत्र में मौसम विभाग ने सामान्य या फिर सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है।
केंद्र के मुताबिक राजस्थान में हर साल औसत सामान्य बारिश 415 मिलीमीटर निर्धारित है। इस मात्रा से 19 फीसदी ज्यादा या 19 फीसदी कम अगर बारिश होती है तो यह सामान्य बरसात मानी जाती है। 20 से 59 फीसदी ज्यादा बारिश होती है तो इसे सामान्य से अधिक की श्रेणी में माना जाता है। वहीं 20 से 59 फीसदी कम बारिश होने पर यह सामान्य से कम स्थिति मानी जाती है।
राजस्थान में किसानों के लिए मानसून का पूर्वानुमान सबसे ज्यादा अहम होता है, क्योंकि राज्य में कई हिस्सों में खेती केवल मानसून की बारिश पर ही निर्भर है। खरीफ की फसल बोने वाले किसानों के लिए इस बार जो पूर्वानुमान जारी हुआ है, वह अच्छा है। किसान बाजरा, मक्का, मूंगफली, की फसल मानसून प्री-मानसून में होने वाली बारिश के समय ही बोना शुरू कर देते हैं, जो अमूमन जून-जुलाई में की जाती है।
राजस्थान में 2021 में मानसून सामान्य रहा था। पूरे राज्य में बरसात औसत से 17 फीसदी अधिक हुई थी। मौसम केंद्र जयपुर ने राजस्थान को दो हिस्सों (पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान) में बांट रखा है। पश्चिमी राजस्थान में साल 2021 में बारिश सामान्य से अधिक रही यानी यहां बारिश औसत से 20 फीसदी ज्यादा रही, जबकि पूर्वी राजस्थान में सामान्य (औसत से 16 फीसदी अधिक)। सिरोही,गंगानगर, पाली,जालोर,उदयपुर और डूंगरपुर में साल 2021 में बारिश औसत से कम हुई थी।



