एजुकेशनबिहार

मधुबनी के अंधराठाढ़ी में शरु हुआ नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी का स्टडी सेंटर

मधुबनी-27 दिसम्बर। फूल देवी कुशेश्वर झा महाविद्यालय, वाचस्पतिनगर अंधराठाढ़ी, मधुबनी में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के अध्ययन केन्द्र का सोमवार को निरीक्षण सह उद्धघाटन कुलसचिव डॉ घनश्याम राय के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने में नालंदा खुला विश्वविद्यालय की प्रासंगिकता एवं औचित्यता विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।


महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए एन ओ यू के कुलसचिव ने कहा कि सभी मनुष्य स्वतंत्र और अधिकारों में समान है। सभी को समानता का अधिकार मिले और सभी समान रूप से जीने का अधिकार रखते हैं। मानव अधिकार के लिए सर्वप्रथम महात्मा फुले ने संघर्ष किया। आधुनिक भारत और बीसवीं सदी के नायक डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने मानवों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी। डॉ राय ने कहा कि ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना का उद्देश्य हीं है कि सभी तरह की असमानताओं को खत्म करना। बाबासाहेब ने कहा कि सभी शिक्षित बनो। गांधीजी ने कहा कि शिक्षा, ग्राम स्वराज, स्वालम्बन, स्वरोजगार आदि। अंबेडकर और गांधी के सपनों को गांव और स्वावलंबन तभी सफल होगा जब सभी को हुनरमंद शिक्षा प्राप्त होगा। हुनरमंद शिक्षा एन ओ यू के पास है। डॉ राय ने कहा कि स्टडी सेंटर खुल जाने से कामकाजी लोगों और महिलाओं को अध्ययन करने में काफी सहूलियत होगी। महाविद्यालय के विकास में भी डिस्टेंस एडुकेशन मददगार होगा। उन्होंने कहा कि रेगुलर मोड में किसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एनओयू एक सशक्त प्लेटफार्म साबित होगा। इसमें काफी जॉब ओरिएंटेड कोर्स हैं जो अन्य विश्वविद्यालयों से भिन्न है। नैक मूल्यांकन में भी डिस्टेंस एडुकेशन सेंटर का महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने कहा कि एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का बिहार में सबसे बड़ी संस्था है।

एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का एक मजबूत स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 107 कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। चार दर्जन से अधिक सर्टिफिकेट कोर्स हैं। इसके अलावे कई पीजी डिप्लोमा कोर्स चलाये जा रहे हैं। ये सभी कोर्स जॉब ओरिएंटेड हैं। इसमें स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर दिया गया है। ताकि छात्र हुनरमंद हो सके। आत्मनिर्भर भारत और गांधी के ग्राम स्वराज और स्वावलम्बन पर बल दिया गया है। कुलसचिव ने अपने संबोधन में एनओयू के कोर्सेस को विस्तार से बतलाते हुए कहा कि बिहार के सभी बच्चे और बच्चियां विभिन्न कोर्सों में नामांकन लेकर अध्ययन कर सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे तभी वे हुनरमंद बनेंगे। उनमें स्वावलंबन और स्वरोजगार की भावना उत्पन्न होगी। गांधी का ग्राम स्वराज और स्वावलंबन तभी साकार होगा जब हर आदमी हुनरमंद बनेंगे। आवश्यकता की तमाम चीजों का उत्पादन ग्राम स्तर पर करेंगे और उसका उपयोग सामूहिक रूप से करेंगे। तभी ग्राम स्वराज का सपना साकार होगा।एनओयू के रजिस्ट्रार ने कहा की गांधीजी के इसी सपने को साकार करने के लिए भारत में ग्राम पंचायत और ग्राम सभाओं को स्थानीय विकास तथा स्थानीय प्रशासन का मुख्य आधार बनाया गया है।एनओयू के रजिस्ट्रार ने पीडीकेजे कॉलेज में स्टडी सेंटर खोलने की कागजी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद विधिवत इसकी घोषणा भी की। मौके पर उन्होंने एनओयू में सभी कोर्सों में नामांकन प्रकिया से भी अवगत कराया। कहा कि इंटर,स्नातक की छात्र-छात्राएं अपने पसंद के सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स अपनी पढ़ाई के अलावे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में जारी है। जिसकी विस्तृत सूचना व जानकारी एनओयू के वेबसाइट या पी डी के जे कॉलेज अंधराठाढ़ी मधुबनी के स्टडी सेंटर से ली जा सकती है। महाविद्यालय को एन ओ यू के द्वारा 258 कोड आवंटित कर दिया गया है। संगोष्ठी को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के आचार्य सह पूर्व सीसीडीसी प्रोफेसर मुनेश्वर यादव ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता सह धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य डॉ अंजनी कुमार झा अनिल ने किया।

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