
भैया-दूज पर भाई ने बहनों के घर जाकर पारम्परिक ढंग से लिया न्यौत
मधुबनी- 27 अक्टूबर। भाई-बहन के पवित्र प्रेम,अटूट आस्था एवं विश्वास का पर्व भैया-दूज को लेकर गुरुवार को अहले सुबह से सड़कों पर चहलकदमी बढ़ी हुई थी। हर एक भाई अपनी बहनों के घर जाकर पारम्परिक ढंग से बहनों से न्यौत लिया। बहने भी सुबह से ही अपने-अपने भाइयों के आने के बाद उनका खातिरदारी करने की तैयारियों में जुटी हुई थी। बताया जाता है कि भाई के लंबी उम्र की कामना को लेकर बहनों के द्वारा भाइयों का न्यौत लेने के बाद उसे प्यार से स्वादिष्ट भोजन कराते है।

न्यौत लेने के दौरान आंगन में अरिपन बनाकर एक बड़े से मिट्टी के बर्तन में पान,सुपारी,मखान,कोहरा के फूल,चांदी का हँसुली रखा जाता है। जिसके बाद भाई को सिंदूर और पिठार का तिलक लगाने के बाद वर्तन में रखे सभी पूजा सामग्री पांच बार भाई के हाथों पर रखकर मंत्र पढ़ा जाता है। तथा अंतिम बार बहन अपने भाई का कलाई पकड़कर आसन से उठाते है। मिथिलांचल में बहनों के घर संदेश में चुरा-मुरही ले जाने की परंपरा है, तो बहने भी अपने भाइयों को पान सुपारी देकर विदा करते है।



