
बिहार में ना कानून का राज, ना किसी का डर, लालू राज की याद कर आज भी सिहर उठती है जनता: JDU
पटना- 09 अप्रैल। राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए जदयू प्रदेश प्रवक्ता निहोरा प्रसाद यादव और प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम ने साल 1990 से लेकर साल 2005 तक के लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल पर हमला बोला। पार्टी प्रवक्ताओं ने उस दौर के राजद शासनकाल को याद कर करते हुए कहा कि राजद के शासनकाल में बिहार में कानून के राज के नाम पर गन या फिर बंदूक का राज था।
पार्टी प्रवक्ताओं ने मंगलवार को कहा कि हत्या, लूट, अपहरण के चलते गांवों में रहना मुश्किल हो गया था, जहां मध्य और दक्षिण बिहार में अपने आप को लोग असुरक्षित महसूस कर रहे थे। जनता का सरकार से भरोसा उठ चुका था। अपनी सुरक्षा के लिए लोग परेशान थे लेकिन इनके शासन में प्रशासन मौन रहता था। सरकार ना तो कमजोर वर्गों को सुरक्षा दे पायी और ना ही समाज के समृद्ध वर्ग को।
पार्टी प्रवक्ताओं ने राजद शासनकाल को याद करते हुए कहा कि गया में हुए नरसंहार के बाद जो हालात थे उसमें 13 फरवरी 1992 को खुद मुख्यमंत्री को यह कहना पड़ा था कि अब बिहार में सीएम भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि आरजेडी के शासनकाल में आम जनता घरों से बाहर निकलने से कतराती थी। आलम यह था कि शाम 5 बजे के बाद अगर घर का कोई सदस्य लौटकर घर वापस नहीं लौटता था तो घर में कोहराम मच जाता था और लोग किसी अनहोनी की आशंका से घिर जाते थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन में आज बिहार बदल चुका है और लोग खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ताओं ने तेजस्वी यादव से उनके बिहार में राम राज्य लाने के दावे पर गंभीर सवाल पूछते हुए कहा कि आज वो अपने पिता के पदचिह्नों पर ही चल रहे हैं। ऐसे में वो बिहार की जनता को बताएं कि वो किस तरह का राम राज्य बिहार में लाएंगे? उन्होंने कहा कि अगर आरजेडी के हाथों में दोबारा से सत्ता दे दी जाए तो एक बार फिर से वो परिवार बिहार को लूटने का काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार बदल चुका है और आज राज्य खुशहाली के रास्ते पर है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में न्याय के साथ विकास हो रहा है और लोग सरल तरीके से जिंदगी जी रहे हैं।



