
बिहार को साम्प्रदायिक हिंसा में झोंकने की संघ–भाजपा की साजिश के खिलाफ इंसाफ मंच व माले का राज्यव्यापी विरोध मार्च
दरभंगा- 19 अप्रैल। इंसाफ मंच और भाकपा(माले) ने बिहार को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने की संघ-भाजपा की साजिश के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध दिवस पर मार्च निकाला। विरोध मार्च दरभंगा क्लब से चलकर समाहरणालय लहेरियासराय टावर होते हुए पुनः दरभंगा क्लब पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया। मार्च का नेतृत्व भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य सह इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद,इंसाफ मंच के जिला अध्यक्षअकबर रेजा, सदीक भारती,माले नेता नन्दलाल ठाकुर, देवेन्द्र कुमार और ऐपवा नेत्री अनुपम कुमारी कर रहे थे। मौके पर पर माले नेता रंजन सिंह के अध्यक्षता मे आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य सह इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि आरएसएस-भाजपा द्वारा 10 अप्रैल को रामनवमी के बहाने राज्य में की गई हिंसा बेहद चिंताजनक है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा,गया आदि जिलों में हिंसा की घटनाओं पर बिहार सरकार चुप है। मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के काजी मोहम्मदपुर गांव में हिंदु पुत्र संगठन की साजिश के तहत वहां की मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने का दुस्साहस किया गया। जुलूस में शामिल लोग अपने हाथों में तलवार-बंदूक लिए हुए थे दरभंगा जिले के घनश्यामपुर में दंगाइयों ने मुस्लिम समुदाय की आधा दर्जन दुकानों में तोड़-फोड़ की। सामान लूट लिए और पूरे इलाके में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश की। गया जिले के शेरघाटी में एक ई रिक्शा चालक नसीम शाह पर उनके धार्मिक पहचान को लेकर हमला किया गया। उन्हें जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए बाध्य करते हुए बुरी तरह से पीटा गया। इस तरह की घटनायें राज्य के अन्य इलाकों में भी हुई है। इसके खिलाफ लोकतंत्र,न्याय पसन्द ताकतों को एकजुट हो कर प्रतिवाद संगठित करने का आहवान किया। विरोध मार्च में मो जमालुद्दीन,विनोद सिंह, हरि पासवान,मो कलीम,दामोदर पासवान,मो अली,विपिन कुमार विपिन,मो निशारुल,अंजनी सहनी, पप्पू ठाकुर,गंगा साह सहित भारी संख्या में लोग शामिल थे।



