
बिहार के सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर का उद्घाटन आज
पटना- 03 मई। राजधानी पटना में बिहार का सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर लंबे समय के बाद अब बनकर तैयार हो चुका है। पटना के बुद्धमार्ग स्थित श्रीराधा बांके बिहारी इस्कॉन मंदिर के तैयार होने में लगभग 12 साल का समय लगा है। मंगलवार को मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। मंदिर के उद्घाटन के लिए पांच दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। मंदिर में प्रसाद तैयार करने के लिए एक मॉडर्न किचन भी बनाया गया है। यहां अत्याधुनिक उपकरणों के साथ बांके बिहारी की लीलाओं को दर्शाया जाएगा। मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए एक हॉल बनाया गया है। हॉल में लगभग एक हजार से भी अधिक श्रद्धालु बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। मंदिर परिसर में एक गोविंदा रेस्टोरेंट भी बनाया गया है। यहां लोगों को शुद्ध शाकाहारी भोजन दिया जाएगा।
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निमंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री समेत कई राज्य नेताओं के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर का निर्माण 100 करोड़ की लागत से हुआ है। इस मंदिर में 84 कमरे और 84 पिलर बने हुए हैं। इनकी लंबाई और चौड़ाई भी 84 फीट है और मंदिर की ऊंचाई 108 फीट है। इस मंदिर को सेमी अंडर ग्राउंड में तैयार किया गया है। मंदिर में अतिथियों के ठहरने के लिए करीब 70 रूम बनाए गए हैं और 300 गाड़ियों की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में एक लाइब्रेरी बनाई गई है जिसमें स्वामी प्रभु पाद और वेद व्यास की लिखित ग्रंथों को भी पढ़ा जा सकता है। साथ ही दूसरे तल पर बांके बिहारी का गर्भ गृह है। यहां एक तरफ राम दरबार तो दूसरी तरफ चैतन्य महाप्रभु के दरबार की रचना की गई है।
अध्यक्ष ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण के बाद से पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि 2007 में मंदिर का भूमिपूजन किया गया था। उस समय कार्यक्रम में देश-विदेश से कृष्ण भक्त शामिल हुए थे। मंदिर निर्माण का काम साल 2010 में शुरू किया गया था।



