
बिहार के प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं जीविका दीदियां : CM नीतीश
बेगूसराय- 16 फरवरी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा के अंतिम कड़ी में गुरुवार को बेगूसराय जिले में विभिन्न विभागों के चल रही विकास योजनाओं का जायजा लिया। पुलिस लाइन में हेलीकॉप्टर से उतरे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सदर प्रखंड कार्यालय के समीप कस्तूरबा विद्यालय का जायजा लेकर बेगूसराय की यात्रा का शुभारंभ किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बालिकाओं से संवाद कर पठन-पाठन एवं मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के आगमन पर स्वागत गान प्रस्तुत एवं बाल विवाह तथा दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर आधारित नाटक का मंचन किया। इस दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की पूर्ववर्ती छात्रा अनुपमा कुमारी ने बताया कि इसी विद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर हैं। विद्यालय प्रांगण में कराटे का प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं के संबंध में स्कूल प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई।
उच्च माध्यमिक विद्यालय कंकौल में छात्रों ने अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से संबंधित डेमॉस्ट्रेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया। विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने पढ़ाई के संबंध में पूरी जानकारी ली। शिक्षकों से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी बच्चों को ठीक ढंग से पढ़ाएं, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो। उत्क्रमित मध्य विद्यालय कंकौल का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान द्वितीय वर्ग के बच्चों को शिक्षिका द्वारा खेल-खेल में पढ़ाए जाने को देखकर मुख्यमंत्री प्रसन्न हुए। बिहार शिक्षा परियोजना बेगूसराय के प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इसके बाद जिला जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन तथा भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति एवं नियमित पठन-पाठन देखने का काम जीविका दीदियों को दिया गया है। किसी विद्यालय में शिकायत मिलने पर जब जीविका दीदी इसकी शिकायत करें तो जिलाधिकारी इसे गंभीरता से लेते हुए अग्रेतर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिन जरूरतमंद लोगों को इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें चिह्नित कर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें बिहार में काम करने का मौका मिला तो 2006-07 में ही जेपी आंदोलन में जेल गए लोगों के लिए पेंशन योजना की शुरूआत की। इसके लिए कमिटी भी बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी का तथा सतत जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थियों सांकेतिक चेक प्रदान किया। उन्होंने अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना एवं मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक तथा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तीकरण छत्र योजना के तहत दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राई साइकिल की चाबी प्रदान की गई। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चयनित छात्रों को मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
समाज कल्याण विभाग के जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने ई-किसान भवन का निरीक्षण किया। जहां प्रशिक्षण ले रही जीविका दीदियों के संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरुगन डी. ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों को ठीक ढंग से प्रशिक्षित करें ताकि उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो। जीविका के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गरीब तबके के लोगों का आर्थिक और सामाजिक उत्थान हो रहा है। बिहार की प्रगति में जीविका दीदियां अपनी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
कृषि विभाग के जैविक कॉरिडोर योजना, मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत ड्रीप एवं मल्च आधारित स्ट्रॉबेरी की खेती, बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति और कृषि में नवाचार कार्य आदि से संबंधित प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए रिपर कम बाइंडर की चाबी लाभार्थियों को प्रदान की। मौके पर जिला उद्योग केंद्र द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह मुख्यमंत्री का स्वागत किया।



