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बिहार का बजट आकार 2.40 लाख करोड़ रहने का अनुमान

पटना- 27 फरवरी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत नीतीश सरकार सोमवार को विधानमंडल में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करेगी। राज्य सरकार कोरोना के झटकों से उबारने के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर सकती है। इस लिहाज से बजट का आकार करीब 2.40 लाख करोड़ का हो सकता है। कोरोना महामारी के काल में बजट 2022-23 में नेशनल हेल्थ मिशन को पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 1100 करोड़ से ज्यादा की राशि मिलने की संभावना जताई जा रही है। बिहार बजट 2022-23 में पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा करीब 22 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी करने की नीतीश सरकार ने तैयारी की है।

इस बार के बजट में प्रदेश के आधारभूत ढांचा को और मजबूत करने के लिए, सड़क, बिजली समेत अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं के बारे में बजट में प्रावधान की संभावना है। इसकी बानगी आर्थिक सर्वेक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सह-वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन दी थी। आधी आबादी का विकास को सरकार ने केंद्र में रखा है। छात्राओं के लिए स्कूली शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में सहूलियत, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के दिशा में कवायद, महिला सशक्तिकरण पर जोर भी सरकार के बजट में दिखाई दे सकता है।

इस बार के बजट में डिजिटल बिहार की झलक देखने को मिल सकती है। डिजिटल बिहार कार्यक्रम के तहत 6वीं कक्षा और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा और ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा. बिहार बजट पर केंद्र सरकार की गति शक्ति योजना का भी प्रभाव भी दिखाई देगा. इसके आधार पर नई परियोजनाएं लेने की तैयारी है. इनमें आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विषयों सड़क, बिजली, संचार क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने का प्रावधान शामिल है।

बजट से जिन वर्गों की विशेष उम्मीद टिकी है उसमें राज्य के व्यापारी प्रमुख हैं। व्यापारी वर्ग भी नीतीश सरकार के बजट से उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार बजट में ऐसी व्यवस्था करे, जिससे व्यापारियों को ऋण आसानी से मिल सके. साथ ही रोजगार के लिए सरकार 10 लाख रुपये का लोन देती है, उसको बढाकर 20 लाख करे, जिससे व्यापारी अपना व्यापार बढ़ा सके. इसी तरह राज्य के युवा भी रोजगार के साथ-साथ शिक्षा को लेकर भी कई उम्मीद पाले हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते पांच साल में बजट के आकार पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1,60,085 करोड़ रुपये था आकार, जो 2018-19 में बढ़कर 1,76,990 करोड़ हुआ , 2019-20 में 2,00,501 करोड़ रुपये, 2020-21 में 2,11,761 करोड़ रुपये और 2021-22 में 2,18,302 करोड़ रुपये रहा। ऐसे में इस बार के बजट में भी इसके बढ़ने की पूरी संभावना है।

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