
पेपर लीक प्रकरण : सात युवतियों को दो दिन,शेष 48 को पांच दिन रिमांड के आदेश
उदयपुर- 25 दिसंबर। आरपीएससी की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती के सामान्य ज्ञान पेपर लीक प्रकरण में रविवार सुबह पुलिस ने सभी 55 आरोपितों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। मजिस्ट्रेट ने 7 महिला आरोपितों को 2 दिन और अन्य 48 आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड के आदेश दिए।
उदयपुर एसपी विकास शर्मा ने बताया कि पेपर लीक मामले में शनिवार देर रात तक आरोपितों से पूछताछ के बाद लिखित कार्रवाई पूरी की गई। रविवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। रिमांड में अभ्यर्थियों से कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सवाल पूछे जाएंगे कि उन्होंने पेपर के लिए सबसे पहले किससे बात की और कौन उनको इस बारे में सब कुछ बता रहा था? अब तक उदयपुर पुलिस की पकड़ में आए सुरेश विश्नोई और भजनलाल को भी आमने-सामने बिठाकर लंबी पूछताछ होगी। सुरेश ढाका और भूपेंद्र की तलाश की जा रही है। उदयपुर से भी जालोर और जयपुर के लिए टीमें रवाना की गई, जो लगातार दबिश दे रही हैं।
शनिवार शाम को आरपीएससी की फुल कमीशन बैठक में अभ्यर्थियों को भविष्य की सभी परीक्षाओं से डिबार कर दिया गया है। पेपर लीक मामले में 4 सरकारी कर्मचारियों में प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार, वरिष्ठ शिक्षक रावताराम, कनिष्ठ सहायक पुखराज और सेकंड ग्रेड टीचर भागीरथ को निलंबित किया गया है।
गौरतलब है कि शनिवार को सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा से पहले इन अभ्यर्थियों को सिरोही के रास्ते ले जाया गया और वापस बस में पेपर सॉल्व कराते हुए उदयपुर लाया जा रहा था। नाकाबंदी के दौरान पकड़े जाने के बाद पेपर के प्रश्न हूबहू होने पर पर्चा आउट माना गया और परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।
पकड़े गए अभ्यर्थियों में दो एमबीबीएस सहित कुल 55 गिरफ्तार किए गए हैं। यह सभी राजस्थान के जालोर और जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। इन अभ्यर्थियों ने किसी ने 10 लाख तो किसी ने 15 लाख रुपये में सौदा किया था।



