पेंड्रोल क्लिप घोटाले में 3 आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत 5 लोग निलंबित
मुुरादाबाद- 09 अप्रैल। मुरादाबाद रेल मंडल के बरेली में रेलवे के पेंड्रोल क्लिप घोटाले के मामले में आरपीएफ मुख्यालय ने तीन आरपीएफ इंस्पेक्टरों समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है। इसमें बरेली के आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया, मुरादाबाद सीआईबी शाखा के इंस्पेक्टर रवित शर्मा, आरपीएफ कमांडेंट के दफ्तर में तैनात इंस्पेक्टर सीपी सिंह, चंदौसी और मुरादाबाद के दो अन्य आरपीएफ कर्मियों के नाम हैं।
31 जुलाई को बरेली जंक्शन आरपीएफ ने सीबीगंज स्थित रेलवे के सेंट्रल रेल गोदाम में बड़ा घपला पकड़ा था। इसमें करीब 22 लाख रुपये का रेल ट्रैक मेंटिनेंस उपकरण पेंड्रोल क्लिप, पिन आदि सामान को सेवानिवृत्त सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश प्रसाद लोहानी ने कागजों में हेराफेरी कर मुरादाबाद के रेल ठेकेदार राजेश खन्ना को बेचा था। पूरे खेल को एसएसई ने सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले किया था। आरपीएफ मुरादाबाद आरपीएफ की सीआईबी व बरेली जंक्शन की आरपीएफ टीम ने पूरे मामले की विवेचना की थी। सीबीगंज स्थित मुख्य गोदाम से मुरादाबाद, आंवला, चंदौसी, बरेली आदि जगह ट्रैक मेंटेनेंस को सिर्फ कागजों में यह सभी उपकरण दिखाए गए थे।
बरेली के आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन सिसौदिया ने ही सबसे पहले राजेंद्र नगर निवासी सेवानिवृत्त सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश प्रसाद लोहानी को पकड़ा था। इस मामले में आईजी आरपीएफ ने रामपुर आरपीएफ को भी जांच सौंपी थी। इसके बाद मुरादाबाद को यह मामला सौंपा गया। जांच के बाद आरपीएफ मुख्यालय ने पांचों की लापरवाही और तथ्यों को छिपाने के आरोप में तीन इंस्पेक्टरों समेत पांच लोगों को निलंबित किया है।



