
पीएम मोदी ने ”मन की बात” में की कटनी के किस्सागोई की चर्चा
कटनी- 28 नवम्बर। पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव पर उत्सव मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कटनी में आजादी के अमृत महोत्सव और जनजातीय गौरव सप्ताह अंतर्गत कटनी स्टोन आर्ट फेस्टिवल में जागृति पार्क में आयोजित किस्सागोई कार्यक्रम का रविवार को उल्लेख किया। उन्होंने कटनी के कार्यक्रम की मन की बात में तारीफ भी की।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में जनजातीय गौरव दिवस और मध्यप्रदेश के कटनी के कुछ रंगमंच के साथियों के दास्तान कार्यक्रम का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में प्रस्तुत रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और बलिदान के उल्लेख का हवाला देकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अलग-अलग कालखंड में जन जागृति में जनजातीय समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी की अगुवाई में आजादी के अमृत महोत्सव के साथ ही जनजातीय गौरव सप्ताह के अंतर्गत विविध आयोजन किए जा रहे हैं। जनजातीय गौरव दिवस व आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर कटनी स्टोन आर्ट फेस्टिवल कार्यक्रम के दौरान वीरांगना रानी दुर्गावती की अदम्य साहस को लखनवी अंदाज में कलाकार हिमांशु बाजपेयी व प्रज्ञा शर्मा ने किस्सागोई के रूप में प्रस्तुत किया था। गत 21 नवंबर को कटनी स्टोन का प्रमोट करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे कटनी स्टोन आर्ट फेस्टिवल में जनजातीय गौरव सप्ताह के अंतर्गत ‘‘दास्तान रानी दुर्गावती की‘‘ का आयोजन किया गया था। इसमें लखनवी अंदाज में लखनऊ के कलाकार हिमांशु बाजपेयी। तथा प्रज्ञा शर्मा ने रानी दुर्गावती की वीरता पर किस्सागोई की प्रस्तुति दी थी।
किस्सागोई का सरताज है हिन्दुस्तान—
किस्सागोई विद्या का सरताज हिन्दुस्तान है। कथा सुनाने की परंपरा हमारे यहां से निकलने के बाद ही दुनिया भर में फैली। जिस तरह से किस्सा कहना एक कला है, उसी तरह से किस्सा सुनना भी एक कला है। रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित किस्सा गोई कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन का उद्देश्य यह था कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने जिस तरह से खुद को रखा और आजादी की, अधिकारों की बात की वह प्रेरणादायी है। उन्होंने विस्तारवादी नीति का प्रतिकार किया और उनकी कहानी आमजन के मन में एक विश्वास पैदा करने वाली है। इसको ध्यान में रखकर लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा देने कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।



