
पिछले 15 साल में भाजपा ने पूरी दिल्ली में कूड़े के पहाड़ बना दिए-“आप”
नई दिल्ली- 04 नवंबर। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 15 साल में भाजपा ने पूरी दिल्ली में कूड़ा फैला दिया है। दिल्ली की जनता चार दिसम्बर को इस बार दिल्ली की साफ-सफाई के लिए वोट देगी। दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए वोट देगी। इस बार दिल्लीवासी नगर निगम में भी आम आदमी पार्टी को चुनेंगे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस बार एमसीडी में भी केजरीवाल को दिल्ली चार दिसंबर को झाड़ू पर बटन दबाएगी और सात दिसंबर से दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त बनाने का अभियान अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में युद्ध स्तर पर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में तो प्राइमरी शिक्षा का स्तर अब प्राइवेट स्कूलों से भी शानदार हो गया है। इस एमसीडी चुनाव के बाद एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे सात लाख बच्चों की पढ़ाई भी शानदार स्कूलों में होगी।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा कि भाजपा की एमसीडी चुनाव को टालने की लाख कोशिशों के बाद भी चार दिसंबर को चुनाव की घोषणा हुई। कोर्ट और दिल्ली इलेक्शन कमीशन को धन्यवाद देते हैं। दिल्ली के लोग बहुत खुश हैं। कूड़े और एमसीडी में बीजेपी से छुटकारा दिलाने का दिन घोषित हुआ।
राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। जिस तरह से सारे काम हमने दिल्ली सरकार में किए हैं, दिल्ली के अंदर कूड़े के ढेर हटाएंगे। कूड़े के पहाड़ हटाएंगे। दिल्ली को चमकाएंगे। दिल्ली एमसीडी में भी अरविंद केजरीवाल को लाएंगे। इसी नारे के साथ हम चुनावी मैदान में उतरेंगे।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक एवं एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि वह सबसे पहले चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद करते है। थोड़ी देर जरूर हुई लेकिन आखिर दिल्ली नगर निगम के चुनाव हो रहे हैं। देश के इतिहास में पहली बार हुआ होगा जब किसी पार्टी को जनता ने 15 साल दिए और सिर्फ एक काम दिया कि आप हमारी गली से कूड़ा साफ कर देना।
जब हम अपने घर से बाहर निकले तो हमें दिल्ली में कहीं भी कूड़ा ना मिले। लेकिन जब हिसाब लेने का वक्त आया तो भाजपा डर के कारण भाग गई। देश की इतनी बड़ी पार्टी, जिसके ना जाने कितने सांसद हैं, ना जाने कितने विधायक हैं, जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानती है, वह दिल्ली की जनता से डरकर चुनाव से भाग गई।



