
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- चुनावों में धनबल के खतरे रोकने के कई उपाय अपनाए गए, कहा- बिहार विस चुनाव के बाद चुनाव व्यय निगरानी तंत्र बनाया गया
नई दिल्ली- 12 जनवरी। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि उसने चुनावों में धनबल के खतरे को रोकने के लिए कई उपायों को अपनाया है। निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि 2010 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद से चुनाव व्यय निगरानी तंत्र बनाया गया था।
हलफनामे में आयोग ने कहा है कि वह राजनीतिक दलों की ओर से चुनावी खर्च में की जा रही बढ़ोतरी पर गंभीरता से चिंतित है। आयोग ने कहा है कि उसने चुनाव संचालन नियमों के तहत चुनाव खर्च को निर्धारित वैधानिक सीमा के भीतर रखने के लिए और नेताओं एवं राजनीतिक दलों की ओर से बेहिसाब खर्च पर नियंत्रण रखने के लिए पहले से ही एक मजबूत तंत्र स्थापित किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने ये हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है, जिसमें अत्यधिक चुनावी खर्च को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। प्रभाकर देशपांडे ने अपनी याचिका में कहा है कि चुनावों में अतिरिक्त खर्च को रोकने के लिए कार्रवाई की व्यापक योजना तैयार की जानी चाहिए, जिसमें इसका उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रभावी प्रावधान हो। याचिका में मांग की गई है कि आयोग को विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक सुधार लाने के लिए ईमानदारी से चुनावी खर्च की जांच करने के दिशा-निर्देश दिए जाएं।



