
नहाय खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू, गांवों में बढ़ी रौनक
पटना- 28 अक्टूबर। शुक्रवार को नहाय खाय के साथ ही चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू हो गया। शुक्रवार को छठ व्रतियों के लिए पर्व का पहला दिन था। सूर्योपासना के महापर्व में साफ सफाई का अधिक महत्व है, जो प्रथम दिन से ही देखने को मिल जाता है। प्रसाद के लिए गेँहू को धोकर सुखाया जाता है। जिसके बाद व्रती पूजा छठघाट पर स्नान करती है, और बिना नमक वाली अरवा चावल का बना भोजन करती है। छठ पूजा को लेकर बिहार के जिला मुख्यालयों के बाजारों के साथ-साथ गांवों के बाजारों में काफी रौनक देखने को मिली। बाजारों में खासकर केला,ईख,नारियल एवं मिट्टी से निर्मित वर्तनों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।

महापर्व छठ को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर गांवों में काफी चहल-पहल देखी जा रही है। हर कोई छठ पुजा की तैयारियों लगे हुए हैं। महापर्व छठ का सबसे अच्छा नजारा गांवों में देखने को मिल रहा है। क्यों कि महानगरों से अपने-अपने गांवों में पहुंचे लोग छठ पुजा की आस्था रखने वाले अपने-अपने छठ घाटों को सुन्दर बनाने में अभी से ही जूट गए हैं। कुछ मिलाकर छठ पुजा की बेहतर नजारा महानगरों से अच्छा गांवों में देखने को मिलता है। यही कारण है कि बिहार एवं मिथिलांचल के लोग जो महानगरों में रहते हैं, वे आस्था का महापर्व छठ में अपने-अपने गांवों जरूर आते हैं। जिससे आस्था का महापर्व छठ का उत्साह गावों में और ज्यादा बढ़ जाता है।
आकिल हुसैन।



