नलजल योजना में बड़ा घोटाला, जनप्रतिनिधियों पर एफआईआर का आदेश

मधुबनी/बिहार। झंझारपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत सिमरा के वार्ड नंबर पांच में चल रहे मुख्यमंत्री पेयजल योजना के कार्य में अनियमितता बरतने के मामले में जिला पदाधिकारी अमित कुमार ने पंचायत के वार्ड क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी के आदेश दिए हैं.बीडीओ झंझारपुर को दिए आदेश में डीएम ने कहा है कि सिमरा पंचायत के वार्ड नंबर 5 के वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा प्राक्कलन की पूरी राशि भुगतान करने के बावजूद नल जल योजना अधूरा है. कई बार इस संबंध में कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद योजना का कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका है. इस आलोक में बीडियो झंझारपुर द्वारा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध जिला पदाधिकारी से किया गया था. डीएम ने कहा है कि वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति को पंचायतों में राशि दिए जाने के बावजूद भी वह कार्य पूर्ण करने में रुचि नहीं ले रहे हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा जा रहा है कि प्राप्त की गई राशि अग्रिम के तौर पर किसी भी संवेदक को दे दिया जाता है. उनसे कार्य भी नहीं कराया गया है. और राशि का गबन हो जाता है.बीडियो झंझारपुर द्वारा जिला पदाधिकारी को प्राप्त प्रतिवेदन में सिमरा पंचायत के वार्ड नंबर पांच में नल जल मीनार के कार्य के लिए 14 लाख 31 हजार 590 रुपया की प्राक्कलित राशि को योजना को पूर्ण करने के लिए सारी रकम अग्रिम के रूप में दे दी गई. इस योजना के मापी पुस्त के अनुसार 6 लाख 33 हज़ार 393 रुपये का कार्य अब तक हुआ है. 7 लाख 98 हजार 197 रुपए की राशि का गबन का मामला बनता है. डीएम ने वार्ड 5 के वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए गबन की गई राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर करने का निर्देश दिया है.



