
दिल्ली दंगों में अपना हाथ गंवाने वाले अकरम को मिला सेंसर युक्त कृत्रिम हाथ
नई दिल्ली-14 फरवरी। राजधानी दिल्ली के लोगों के जेहन में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों की बुरी यादें अब भी ताजा हैं। इसमें जहां कई लोगों की जान गई वहीं कई लोगों की जिंदगी को इसने बुरी तरह प्रभावित किया। मुस्तफाबाद निवासी मोहम्मद अकरम खान भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं। वह दर्जी का काम करते हैं। 26 फरवरी, 2020 को दंगाइयों ने उनकी दुकान में आग लगा दी थी, जिसकी वजह से उनके दोनों हाथ बुरी तरह जल गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनका एक हाथ जहर फैलने की वजह से काटना पड़ा जबकि उनकी दूसरी हथेली भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी।
दंगों के बाद इस पूरे क्षेत्र में विभिन्न संगठनों ने प्रभावितों को राहत पहुंचाने और उन्हें दोबारा से खड़ा करने के लिए कई तरह के प्रयास किए हैं। इन्हीं प्रयासों में एक प्रयास ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन का विजन 2020 का भी है। विजन 2020 की टीम को सर्वे के दौरान जब यह पता चला कि मोहम्मद अकरम का दंगों में हाथ नष्ट हो गया है और वह हाथ नहीं होने की वजह से कोई भी काम धाम करने से पूरी तरह से असमर्थ हैं तो डॉक्टरों की सलाह मशवरे पर उनका कृत्रिम सेंसर युक्त हाथ लगाने का फैसला लिया गया।
इस हाथ को लगाने में साढ़े ग्यारह लाख रुपये का खर्च आया है। इस हाथ की खासियत यह है कि इसकी सहायता से वह अपना सारा काम कर सकते हैं। यहां तक कि वह पहले की तरह लिख सकते हैं और कंप्यूटर डेस्कटॉप पर काम भी कर सकते हैं। इस हाथ के लगने से उन्हें काफी आसानी हो गई है और वह इसकी सहायता से सभी काम आसानी से कर रहे हैं। गैर शादीशुदा अकरम अपना हाथ गंवाने की वजह से अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित थे लेकिन उन्हें जब सेंसर युक्त कृत्रिम हाथ मिल गया है तो वह अब काफी खुश हैं। उन्हें अब किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है।
इस हाथ के बारे में बताया जाता है कि यह कुदरती हाथ की तरह दिमाग से संचालित होता है। फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन टी आरिफ अली ने कहा है कि हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि अकरम अपने पैरों पर दोबारा खड़े हो जाएं। इस भयानक फसाद के प्रभावितों को पहले जैसा मजबूत करने में हम पूरी मदद कर रहे हैं। अकरम की समस्याओं को जानने के बाद यह फैसला लिया गया था कि इनकी पूरी तरह से मदद की जाएगी। आज हमें खुशी है कि अब वह बहुत हद तक इस कृत्रिम हाथ से अपना पूरा काम कर रहे हैं और उनका जीवन सरल हो रहा है। अकरम का कहना है कि ऊपर वाले ने उन्हें दोबारा अपनी जिंदगी शुरू करने का मौका दिया है।



