
त्रिपुरा हिंसा के खिलाफ महाराष्ट्र के कई जिलों में झड़प व पथराव, 11 लोग जख्मी
गृह मंत्री ने कहाः पथराव करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
मुंबई- 12 नवंबर। महाराष्ट्र के कई जिलों में त्रिपुरा राज्य की कथित घटना के विरोध में हुए पथराव में पांच पुलिसकर्मी सहित 11 लोग जख्मी हो गए हैं। गृह राज्यमंत्री शंभुराजे देसाई ने कहा कि प्रदेश में सभी जगह स्थिति सामान्य है। पथराव करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है,सभी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार त्रिपुरा में 15 दिन पहले मस्जिद जलाए जाने का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इसी वजह से नांदेड़, अमरावती और मालेगांव में मुसलिम संगठनों ने इसका विरोध करने के लिए मोर्चा निकालने की मांग की थी, लेकिन पुलिस की ओर से अनुमति न मिलने के बावजूद मुसलिम संगठनों ने मोर्चा निकाला। इससे मालेगांव में तीन पुलिसकर्मी सहित 6 लोग तथा अमरावती में दो पुलिसकर्मी सहित पांच लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने आंसुगैस के गोले छोड़े और मामले को नियंत्रित किया। इसी तरह का विरोध नांदेड़ जिले में भी किया गया, लेकिन वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इस घटना के बाद गृह राज्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने की है। इस तरह की घटना किस तरह हुई, इसकी गहन छानबीन की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि इस तरह की घटना महाराष्ट्र में होना चिंताजनक है। यह घटना तो भारत के ही देश में होने की अफवाह फैलाई गई, जबकि विदेश में हुई इस तरह की घटनाओं पर मुसलिम समाज भडक़ उठता है। इसलिए देशभक्त मुसलिम को ऐसे लोगों को समझाने की जरुरत है।

उल्लेखनीय है कि 15 दिन पहले त्रिपुरा में मसजिद गिराए जाने की घटना पोस्ट की जा रही थी। इसके बाद त्रिपुरा पुलिस ने इसका खंडन करते हुए कहा था कि यह फोटो विदेश का है और पूरी तरह असत्य व अफवाह है, लेकिन इसी घटना का विरोध करने के लिए रजा अकादमी व सुन्नी जमीयत उलेमा संगठनों ने पुलिस से मोर्चा निकालने की अनुमति मांगी थी। पुलिस की ओर अनुमति न मिलने पर इन संगठनों की ओर से जबरन मोर्चा निकालकर पथराव किया था।



