
झारखंड हाई कोर्ट ने जज मौत मामले में सीबीआई की विरोधाभासी रिपोर्ट पर जतायी नाराजगी
रांची- 20 नवम्बर। धनबाद के जज उत्तम आनंद मौत मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई की जांच प्रगति रिपोर्ट को देखने के बाद कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने अधिकारी से जानना चाहा कि चार्जशीट में कहा गया कि मोटिव नहीं था लेकिन हाई कोर्ट में बताया जा रहा है कि मोटिव है। सीबीआई इस बिंदु पर जांच कर रही है। यह दो तरह का जानकारी क्यों दी जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में शपथ पत्र के साथ विस्तार से रिपोर्ट मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन, न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में जज मौत मामले की सुनवाई हुई। शनिवार को न्यायाधीश मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआई की ओर से प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के साथ निचली अदालत में पेश की गई चार्जशीट के बारे में भी जानकारी दी गई। सीबीआई की प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद अदालत ने काफी असंतोष जताया।
हाई कोर्ट के अधिवक्ता आदित्य रमन ने बताया कि अदालत ने अधिकारी से पूछा कि निचली अदालत में जो चार्जशीट जमा की गई है उसमें कहा गया है कि साजिश के तहत हत्या नहीं की गई है। हत्या से पूर्व उसे यह जानकारी नहीं थी कि वह जज थे। हत्या के बाद उन्हें यह पता लगा कि वह जज थे। कोई मोटिव नहीं था लेकिन प्रगति रिपोर्ट में जो बताया जा रहा है उसमें कह रहे हैं कि मोटिव है। इस बिंदु पर सीबीआई मामले की जांच कर रही है। यह कैसे?
सीबाआई अधिकारी ने मौखिक रूप से अदालत को बताया कि 90 दिन के भीतर चार्जशीट अदालत में पेश करना था। इस कारण से चार्जशीट पेश कर दी गई लेकिन जांच जारी है। जांच में कई ऐसे बिंदु आए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि हत्या में मोटिव दिख रहा है। जिस पर अदालत ने उन्हें जांच आगे बढ़ाने का निर्देश देते हुए 26 नवंबर से पूर्व प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि 28 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे धनबाद में सुबह की सैर पर निकले एडीजे उत्तम आनंद को एक ऑटो ने पीछे से आकर जोरदार टक्कर मारी थी। इस घटना में जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी। यह पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जिसकी फुटेज किसी साजिश की ओर इशारा कर रही थी।
सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ था कि जज उत्तम आनंद को जान बूझकर ऑटो से टक्कर मारकर हत्या की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था । हाई कोर्ट इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। झारखंड पुलिस द्वारा प्रारंभिक दौर में इस मामले की जांच की जा रही थी, जिसके बाद सीबीआई ने इस केस को ले लिया है। सीबीआई की टीम लगातार इस मामले में अपनी जांच कर रही है।



