
जितेन्द्र त्यागी ने शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य पद से दिया इस्तीफा
लखनऊ-14 दिसम्बर। नवगठित उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की पहली बैठक के दौरान जितेन्द्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने बोर्ड के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड बैठक के दौरान जितेन्द्र नारायण ने बोर्ड कार्यालय पहुंच बोर्ड चेयरमैन अली जैदी को अपना इस्तीफा सौंपा।
बोर्ड चेयरमैन अली जैदी ने कहा कि जितेन्द्र नारायण ने आज बोर्ड कार्यालय पहुंच कर अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म स्वीकार करने के कारण वे अपनी बोर्ड सदस्यता और विभिन्न वक्फों के मुतवल्ली पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
अली जैदी ने कहा कि शासन को इस्तीफा भेजा जाएगा, जिसके बाद शासन एक्ट के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई करेगा। जितेन्द्र नारायण के इस्तीफा सौंपने के बाद हुई बोर्ड बैठक में कई वक्फ सम्पत्तियों पर भ्रष्टाचार की शिकायतों के चलते नोटिस जारी किये गये।
बोर्ड चेयरमैन अली जैदी ने बताया कि आज की बैठक में नौ बिन्दु थे,जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 22 वक्फ सम्पत्तियों के मुतवल्लियों व प्रबंध समितियों को नोटिस जारी किया गया है, जिनमें से 5 मुतवल्लियों को दोषी मिलने के बाद जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया है। उन्होंने दरगाह हजरत अब्बास,शिया यतीमखाना, पीरखुदा बख्श तालकटोरा कर्बला,अब्बास बाग की कर्बला और कर्बला मलका जहां के मुतवल्लियों/प्रबंध समितियों को नोटिस जारी किये गये हैं। कर्बला अब्बास बाग में कई बीघा जमीन लीज पर दी गयी और प्लाटिंग कर दी गयी है।
अली जैदी ने बताया कि शिया यतीमखाने के बारे में मिली शिकायतें जांच में सही पायी गयीं। मलका जहां कर्बला में जितेन्द्र नारायण उर्फ वसीम के गल्ले पैसे निकालने के संबंध में एफआईआर करायी गयी है। उन्होंने बताया कि जितेन्द्र नारायण उर्फ वसीम के खिलाफ मिली शिकायतें जांच में सही पायी गयी,नियमानुसार उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।



