
जनता के लिए खुला कानपुर बोट क्लब, गंगा की लहरों का आनंद उठा सकेंगे लोग
कानपुर- 24 दिसम्बर। करीब 13 करोड़ की लागत से गंगा बैराज पर बने कानपुर बोट क्लब का आनंद उठाने के लिए लोग लंबे समय से उतावले थे। आखिरकार शनिवार को पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने रिबन काटकर जनता के लिए कानपुर बोट क्लब को खोल दिया। अब लोग गंगा की लहरों के बीच प्रफुल्लित होंगे और प्राकृतिक सौन्दर्य का सेल्फी भी लेंगे। यही नहीं बनारस की भांति यहां पर रोजाना गंगा आरती भी होगी।
बोट क्लब के अध्यक्ष आयुक्त कानपुर मंडल डॉक्टर राजशेखर तथा बोट क्लब के तीनों सचिव नीरज श्रीवास्तव, अपर जिला अधिकारी नगर तथा सचिव कानपुर विकास प्राधिकरण ने शुल्क देकर टिकट खरीदा और उत्साहित जन समुदाय के साथ बोट क्लब परिसर में प्रवेश किया। बोट क्लब ने प्रात:कालीन घूमने वालों के पहले सदस्य के रूप में आजाद नगर निवासी गिरधारी लाल तिवारी तथा प्रताप अग्रवाल ने पहला मासिक पास जारी करवाया। इसी प्रकार विशेष रूप से आमंत्रित वरिष्ठ नागरिकों और उन्नत किसान महेंद्र बहादुर सिंह को बोट क्लब समिति की ओर टिकट दिया गया।
पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने फीता काटकर बोट क्लब का शुभारंभ किया। इसके बाद वर्षों से बोट क्लब शुभारंभ की प्रतीक्षा कर रहे जन समुदाय ने बोट क्लब में प्रवेश किया जहां गंगा नदी का रमणीय वातावरण और हिलोर लेती गंगा की लहरों ने सबका मन मोह लिया।
मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने बताया कि वर्षों से इंतजार कर रही इस योजना को कानपुर की जनता को देना उनकी प्राथमिकता रही। इस योजना से कानपुर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग होगी। पर्यटन और रोमांच के क्षेत्र में कानपुर और चमकेगा। बोट क्लब के सचिव नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2006 में उन्होंने उपाध्यक्ष केडीए दीपक कुमार को दी थी। उनकी सैद्धांतिक मंजूरी के बाद इसे वित्तपोषण के लिए पर्यटन विभाग भारत सरकार को भेजा गया था। बाद में वर्ष 2011 में इसे तत्कालीन कमिश्नर अमित घोष ने इसे स्थानीय वित्तपोषण से निर्माण करने की योजना दी। 2015 में कमिश्नर इफ्तिखारुद्दीन तथा उपाध्यक्ष केडीए जयश्री भोज ने इसे केडीए की अवस्थापना निधि से वित्तपोषण स्वीकृति किया और 2016 में निर्माण आरंभ हुआ। यह भी बताया कि नदी किनारे के बच्चों को जल क्रीड़ा का प्रशिक्षण और शिक्षा लिए जल क्रीड़ा अकादमी का विकास करना भी बोट क्लब का प्रमुख उद्देश्य है।



