
कोरोना का असर से ऑनलाइन शिक्षा का बढ़ा क्रेज,सरकारी स्कूल के बच्चे को भी ऑनलाइन से जोड़ने का निर्देश
मधुबनी-07 जनवरी। कोरोना के तीसरे फेज के कारण एक बार फिर से ऑनलाइन शिक्षा का क्रेज बढ़ गया है। हर घर में छात्र व छात्राएं ऑनलाइन संस्थान की तलाश शुरू कर दी है। खासकर बिहार शिक्षा बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड से दसवीं,ग्यारहवी और बारहवंीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र व छात्राओं को अपने पाठ्यक्रम समयावधि में पूरा करने का दबाव है। पूर्व के घोषित समय के अनुसार परीक्षा होने में अधिकतम तीन माह का समय रह गया है। ऐसे में इन सेंटअप कंडिडेट में इसबात की होड़ है कि समय पर पाठ्यक्रम किस तरह से पूरा हो जाए। बारहवीं की तैयारी कर रहे संतोष राम, सुदिष्ट यादव, हरदेव मिश्रा व गोविन्द पाठक ने बताया कि बिहार बोर्ड भी परीक्षा की तिथि निर्धारित कर चुकी है। ऐसे में अब समय काफी कम रह गया है। और इसकी भरपायी ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पूरा हो सकेगा।
सीबीएसई बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कर रही श्रुति झा, मिश्री लाल साह, देवेश चंद्र राय, मुनिलाल मिश्रा, काजल मिश्रा, धनेश्वर प्रसाद व पंकज मिश्रा ने बताया कि अच्छी तैयारी चल रही थी। कोचिंग में भी पढ़ाई हो रही थी। अचानक अब सब कुछ बंद हो गया है। संस्थानों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद ऑनलाइन का सिस्टम बंद हो गया था। लेकिन एक बार फिर से उसी पर अब निर्भर रहना होगा। अपने जिले में कुछ स्थानों पर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। कुछ संस्थानों में इसकी शुरूआत हुई है। प्रदेश व अन्य राज्यों में कई प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई शुरू है। यहां पर ऑनलाइन पढ़ाई तो चल रही थी। अब कोरोना के कारण इसकी उपादेयता और अधिक बढ़ गयी है। डीइओ नसीम अहमद ने बताया कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षा के लिए काम किये जा रहे हैं।
स्मार्ट क्लास के माध्यम से 35 हजार छात्र व छात्राएं ऑनलाइन से जुड़े हुए हैं। वहीं ऑनालइन से जुड़े निजी शिक्षण संस्थानों के छात्रों का आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है। परंतू एक आंकडों के अनुसार सीबीएसई से जुड़े माध्यमिक कक्षाओं के लिए 56 संस्थान और बारहवंी कक्षा से जुड़े 18 संस्थानों में माध्यमिक एवं बारहवंी के अधिकतर छात्र व छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।



