
उत्तर प्रदेश में वर्चुअल चुनावी सभा करेंगे सीएम नीतीश
पटना- 28 जनवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होने के बाद से ही जदयू अब अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी पूरी कर चुका है। उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन हो, इसे लेकर पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में यूपी विधान सभा चुनाव के लिए जदयू ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी को लगभग पूरा कर ली है।
बताया गया है कि पार्टी के उन तमाम नेताओं को शामिल किया जाएगा जिनका प्रभाव उत्तर प्रदेश में पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है। नीतीश कुमार भी चुनावी सभाओं को संबोधित कर सकते हैं लेकिन वर्चुअल तरीके से। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करने नहीं जाएंगे। इसकी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए थे और अब वे नेगेटिव हुए हैं। डॉक्टरों की राय में उन्हें भाग-दौड़ से बचना चाहिए। इस वजह से भी उतर प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाएंगे। वह पटना से ही वर्चुअल मोड में यूपी में जदयू उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे।
जदयू के यूपी प्रभारी केसी त्यागी का कहना है कि कोविड-19 की वजह से नीतीश कुमार की उत्तर प्रदेश में चुनावी सभा में परेशानी आ सकती है। दरअसल,इसके पहले जब उन्होंने उतर प्रदेश में चुनाव प्रचार किया था तब भारी संख्या में लोग चुनावी सभा में पहुंचते थे। इस बार भी अगर चुनावी सभा करते हैं तो कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण परेशानी हो सकती है, इसलिए पार्टी ने तय किया है कि नीतीश कुमार की वर्चुअल सभा कराई जाए।
नीतीश कुमार की वर्चुअल चुनावी सभा की वजह से उत्तर प्रदेश में पार्टी के लोगों को पहले से जानकारी हो जाएगी कि नीतीश कुमार के वर्चुअल सभा कहां होगी। ऐसा करने से उत्तर प्रदेश में जदयू उम्मीदवार को पहले से तैयारी करने में सहूलियत हो जाएगी। जानकारी मिली है कि यूपी चुनाव के लिए जदयू के स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित बिहार सरकार के कई मंत्री और विधायकों को शामिल किया जा सकता है, जिनका उत्तर प्रदेश में प्रभाव हो और जो नीतीश कुमार के विजन को उत्तर प्रदेश की जनता को ठीक तरीके से समझा सकें।
मिली जानकारी के अनुसार जदयू ने यह भी तय किया है कि कोविड प्रोटोकॉल की वजह से स्टार प्रचारक होंगे उनकी छोटी-छोटी चुनावी सभा कराई जाएगी। साथ ही स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान नेता समूह में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और जदयू के लिए वोट मांगेंगे।



